Rahul Child Murder Case : जमशेदपुर के मानगो में राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की हत्या के बाद मुख्य आरोपियों का आत्मसमर्पण, हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़, और परिजनों के गंभीर आरोपों ने मामले को और उलझाया। कई सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर हैं।
Rahul Child Murder Case : राहुल बच्चा हत्याकांड की पूरी कहानी पढ़ें। जानिए राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की हत्या, आरोपियों का आत्मसमर्पण, पुलिस मुठभेड़, हथियार बरामदगी, शब्बे की मां के आरोप और अब तक की पूरी जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्य।
जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र में राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 8 जुलाई की शाम हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि कुछ ही घंटों में हत्या, आरोपियों का आत्मसमर्पण, हथियारों की बरामदगी, पुलिस मुठभेड़ और फिर परिजनों के आरोपों ने इस मामले को झारखंड के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल कर दिया। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और कई अहम सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं।

कैसे हुई राहुल बच्चा की हत्या?
जानकारी के अनुसार, 8 जुलाई की शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच मानगो थाना क्षेत्र के मुंशी मोहल्ला में राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा पर जानलेवा हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अचानक राहुल पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहुल को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल एवं घटनास्थल के आसपास जमा हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। साथ ही आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी भी शुरू की गई।
जांच में सामने आए तीन मुख्य आरोपी
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने साहेब सिंह उर्फ शब्बे, आफताब और सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया।
घटना के कुछ ही घंटों बाद तीनों आरोपियों ने मीडिया और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे ने मीडिया के सामने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए घटना के पीछे की वजह भी बताई।
हालांकि, उसने यह भी दावा किया कि उसने राहुल पर गोली नहीं चलाई थी। उसके अनुसार उसने केवल ईंट और पत्थर से हमला किया था। इस बयान के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया कि आखिर राहुल बच्चा को जानलेवा गोली किसने मारी।
अब तक पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि गोली किसने चलाई, इसका खुलासा फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़
आत्मसमर्पण के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए मानगो के रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट क्षेत्र में लेकर गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर एक लोडेड पिस्टल और एक खाली पिस्टल बरामद की गई।
इसी दौरान पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे ने अचानक भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शब्बे के पैर में गोली लगी।
घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते जवाबी कार्रवाई नहीं की जाती तो पुलिसकर्मियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामला नया मोड़ लेता नजर आया।
मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे की मां और मामी ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि उनका बेटा पहले ही मीडिया और पुलिस की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर चुका था। ऐसे में सवाल यह है कि जब वह पूरी तरह पुलिस की हिरासत में था, तो बाद में उसे घटनास्थल पर क्यों ले जाया गया और वहां गोली कैसे लगी?
परिजनों ने पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि शब्बे ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चलाई।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस अपने आधिकारिक बयान पर कायम है।
परिजनों ने राहुल बच्चा पर भी लगाए आरोप
शब्बे की मां ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनका बेटा कोई आदतन अपराधी नहीं था।
उनके अनुसार, राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा और शब्बे के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने पहले भी कई बार उनके बेटे पर हमला किया था, गोली चलाने की कोशिश की थी और जान से मारने की धमकी दी थी।
उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और भय के कारण हालात ऐसे बने, जिनके चलते यह घटना हुई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इसलिए इन दावों को फिलहाल जांच का विषय माना जा रहा है।
जांच के सामने सबसे बड़े सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक सामने नहीं आया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राहुल बच्चा को जानलेवा गोली आखिर किसने मारी?
क्या हत्या में केवल यही तीन आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई और भी था?
क्या पुलिस मुठभेड़ वास्तव में आत्मरक्षा में हुई या परिजनों के आरोपों में भी कोई सच्चाई है?
क्या फॉरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला पाएंगे?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हथियारों की फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, परिजनों के आरोपों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे।



















