Jamshedpur News : डिमना लेक में डूबने से MGM मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत, रेस्क्यू अभियान के बाद मिला शव

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Jamshedpur News : डिमना लेक में डूबने से MGM मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत, रेस्क्यू अभियान के बाद मिला शव

Jamshedpur News : जमशेदपुर के डिमना लेक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान समीर और सक्षम के रूप में हुई है। पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। पढ़ें पूरी खबर।

झारखंड के जमशेदपुर से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डिमना लेक में डूबने से एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे मेडिकल कॉलेज, डॉक्टर समुदाय और दोनों छात्रों के परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों की पहचान समीर और सक्षम के रूप में हुई है। दोनों मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे और अपने साथियों के बीच बेहद लोकप्रिय माने जाते थे।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, स्थानीय गोताखोर, एनडीआरएफ तथा आपदा प्रबंधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों डॉक्टरों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

घूमने पहुंचे थे तीन जूनियर डॉक्टर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात एमजीएम मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर डिमना लेक घूमने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि सभी आपस में मित्र थे और अवकाश के दौरान लेक के किनारे समय बिताने आए थे। इसी दौरान किसी कारणवश दो डॉक्टर गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे।

उनके साथ मौजूद तीसरे साथी ने दोनों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गहरे पानी और अंधेरे के कारण वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस को घटना की सूचना दी।

रात के अंधेरे में नहीं हो सका तत्काल रेस्क्यू

घटना देर रात होने के कारण बचाव कार्य शुरू करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। डिमना लेक का जलस्तर गहरा होने के साथ-साथ रात में दृश्यता भी बेहद कम थी। इसी वजह से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाना संभव नहीं हो पाया।

पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षित किया और शुक्रवार सुबह होते ही बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष टीम को भी लगाया गया।

कई घंटों तक चला रेस्क्यू अभियान

शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान कई घंटों तक जारी रहा। गोताखोरों ने लेक के विभिन्न हिस्सों में गहन तलाशी अभियान चलाया। अत्याधुनिक उपकरणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से आखिरकार दोनों डॉक्टरों के शव पानी से बाहर निकाले गए।

घटना की पुष्टि होते ही मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। कई डॉक्टर, मेडिकल छात्र और अस्पताल के कर्मचारी घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचे। हर किसी की आंखें नम थीं और युवा डॉक्टरों की असमय मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया गया।

तीसरे साथी से पुलिस कर रही पूछताछ

पुलिस ने घटना के संबंध में दोनों डॉक्टरों के साथ मौजूद तीसरे जूनियर डॉक्टर से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर दोनों डॉक्टर गहरे पानी तक कैसे पहुंचे और हादसे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटनावश डूबने का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जा सकेगा।

डिमना लेक में पहले भी हो चुके हैं हादसे

जमशेदपुर का डिमना लेक प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। हालांकि, यह पहला अवसर नहीं है जब यहां डूबने की घटना सामने आई हो।

इससे पहले भी कई लोग गहरे पानी में जाने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लेक के कुछ हिस्से बेहद गहरे हैं, जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों की आवश्यकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद डिमना लेक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पर्यटकों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए अधिक प्रभावी बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक जलाशयों में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए पर्यटकों को हमेशा निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही रहना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में गहरे पानी में जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।

मेडिकल कॉलेज में पसरा मातम

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। सहपाठियों और वरिष्ठ डॉक्टरों ने दोनों दिवंगत जूनियर डॉक्टरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कॉलेज प्रशासन ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

युवा डॉक्टरों की असमय मौत ने मेडिकल समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। जिन्होंने जीवन बचाने की शपथ ली थी, उनकी इस तरह दर्दनाक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जलाशय, नदी या झील में बिना सुरक्षा व्यवस्था के प्रवेश न करें। विशेष रूप से रात के समय ऐसे स्थानों पर जाने से बचें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

प्रशासन ने कहा है कि डिमना लेक सहित सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जमशेदपुर के डिमना लेक में दो युवा जूनियर डॉक्टरों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता का भी गंभीर संदेश है। समीर और सक्षम की असमय मौत ने उनके परिवार, मित्रों और पूरे चिकित्सा जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ जांच के अन्य पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यह हादसा सभी लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि प्राकृतिक जलाशयों के आसपास हमेशा सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है।

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