Jamshedpur News : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा, विस्फोट के बाद मची अफरा-तफरी, सभी घायलों का टाटा मुख्य अस्पताल में इलाज जारी।
Jamshedpur News : आदित्यपुर के ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में गैस सिलेंडर विस्फोट से 5 मजदूर झुलस गए। एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है जबकि कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में काम के दौरान अचानक गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में कंपनी में कार्यरत पांच मजदूर झुलस गए। इनमें से एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसकी हालत चिकित्सकों के अनुसार नाजुक बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे औद्योगिक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे कर्मचारी और अन्य श्रमिक घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सहकर्मियों ने बिना समय गंवाए घायलों को बाहर निकाला और तत्काल बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुंचाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर फैक्ट्री परिसर में नियमित उत्पादन कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक गैस सिलेंडर अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद मजदूर उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद कुछ समय के लिए फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हादसे में झुलसे सभी पांच मजदूरों को इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार एक मजदूर गंभीर रूप से झुलसा है और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
अन्य चार घायल मजदूरों का भी इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गैस सिलेंडर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं तथा कहीं किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या मानवीय त्रुटि तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।
घटना के कई घंटे बाद तक कंपनी प्रबंधन की ओर से इस हादसे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। न ही घायलों की स्थिति अथवा दुर्घटना के कारणों को लेकर कोई औपचारिक जानकारी साझा की गई।
स्थानीय लोगों और श्रमिकों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित सुरक्षा ऑडिट को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में किसी भी फैक्ट्री में होने वाली दुर्घटना सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सिलेंडर, वेल्डिंग उपकरण और ज्वलनशील पदार्थों के साथ काम करने वाले उद्योगों में नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों का सुरक्षा प्रशिक्षण और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होना चाहिए। समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट और आपातकालीन अभ्यास (Emergency Drill) भी दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां घटना की विस्तृत जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गैस सिलेंडर विस्फोट का वास्तविक कारण क्या था। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करना और दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है।














