Jamshedpur News : कांग्रेस महिला नेताओं ने कहा- महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है मामला, भविष्य में अमर्यादित भाषा का प्रयोग हुआ तो होगा पुरजोर विरोध
Jamshedpur News : जमशेदपुर में पश्चिम विधायक सरयू राय द्वारा मानगो मेयर सुधा गुप्ता पर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस महिला मोर्चा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ी आपत्ति जताई। महिला नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान का मुद्दा बताते हुए भविष्य में ऐसी भाषा के प्रयोग पर आंदोलन की चेतावनी दी।
Jamshedpur News : पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय द्वारा मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस महिला मोर्चा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विधायक की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। महिला नेताओं ने इसे केवल एक जनप्रतिनिधि पर की गई टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे महिला समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बताया।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा और जिला महासचिव अपर्णा गुहा ने कहा कि किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम बनाए रखना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
महिला नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक सरयू राय द्वारा मेयर सुधा गुप्ता के खिलाफ की गई टिप्पणी अनुचित और अस्वीकार्य है। कांग्रेस महिला मोर्चा इसकी कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि भविष्य में इस तरह की भाषा का प्रयोग किसी भी महिला के खिलाफ नहीं किया जाए। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत या अपमानजनक टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नलिनी सिन्हा ने कहा कि महिलाओं ने लंबे संघर्ष के बाद राजनीति और प्रशासन में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आज महिलाएं पंचायत से लेकर संसद तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ऐसे समय में यदि किसी महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है तो उसका प्रभाव केवल संबंधित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज की प्रत्येक महिला के आत्मसम्मान को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। यदि भविष्य में किसी भी महिला नेता या जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया तो संगठन सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक पुरजोर विरोध दर्ज कराएगा।
जिला महासचिव अपर्णा गुहा ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विमर्श मुद्दों और विकास पर आधारित होना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा का सहारा लेते हैं तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है और लोकतांत्रिक संवाद की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
कांग्रेस महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किया जा रहा है। संगठन का मानना है कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की है।
प्रेस वार्ता के दौरान महिला नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्यरत महिलाओं को अक्सर अनावश्यक टिप्पणियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राजनीतिक दलों के नेता अपने वक्तव्यों में संयम बरतेंगे और ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देंगे जिससे महिलाओं की गरिमा पर सवाल खड़े हों। साथ ही उन्होंने समाज से भी अपील की कि महिलाओं के सम्मान और समानता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जमशेदपुर की राजनीतिक गतिविधियों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों की नजर अब इस मामले के आगे के घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल कांग्रेस महिला मोर्चा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वह पीछे हटने वाली नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कथित अमर्यादित भाषा का प्रयोग दोहराया गया तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार विरोध किया जाएगा।













