Jamshedpur Crime: सब्जी मार्केट में 1 लाख रुपये की रंगदारी नहीं मिलने पर की थी फायरिंग, पुलिस ने विशेष टीम बनाकर तीन आरोपियों को दबोचा
Jamshedpur Crime : जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित टिनप्लेट सब्जी मार्केट में व्यवसायी से 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
झारखंड के जमशेदपुर में व्यवसायियों के बीच दहशत फैलाने वाली रंगदारी और फायरिंग की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित टिनप्लेट सब्जी मार्केट में एक व्यवसायी से 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और विरोध करने पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही पूरे मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
18 जुलाई की शाम हुई थी रंगदारी और फायरिंग की वारदात
पुलिस के अनुसार यह घटना 18 जुलाई की शाम करीब 6 बजे गोलमुरी थाना क्षेत्र के टिनप्लेट सब्जी मार्केट में हुई थी। आरोपियों ने वहां एक व्यवसायी को निशाना बनाते हुए उससे 1 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की।
जब व्यवसायी ने रंगदारी देने से साफ इनकार कर दिया तो आरोपियों ने उसे डराने और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद व्यवसायी और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) का गठन किया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर पुलिस सबसे पहले करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह और मनदीप सिंह तक पहुंची। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद कर ली।
दो आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद
पुलिस ने बताया कि करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह और मनदीप सिंह की निशानदेही पर एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई।
बरामदगी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ाया। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर तीसरे आरोपी रोमी सिंह उर्फ सरदार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीसरे आरोपी के पास से भी मिला देसी कट्टा
गिरफ्तार तीसरे आरोपी रोमी सिंह उर्फ सरदार के पास से भी पुलिस ने एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
इस प्रकार पूरे मामले में पुलिस ने कुल—
- दो देसी कट्टे
- चार जिंदा कारतूस
- एक खोखा
- वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
जब्त की है।
पुलिस का कहना है कि सभी बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल अन्य किसी आपराधिक घटना में भी हुआ है या नहीं।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह
- मनदीप सिंह
- रोमी सिंह उर्फ सरदार
तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, मारपीट, आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
वहीं दूसरे आरोपी मनदीप सिंह के खिलाफ भी कई पुराने आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन सभी मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, लेकिन जांच अभी जारी है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि—
- क्या इस वारदात में अन्य आरोपी भी शामिल थे?
- आरोपियों का संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से है या नहीं।
- क्या व्यवसायियों से पहले भी रंगदारी वसूली की घटनाओं में इनकी भूमिका रही है।
- बरामद हथियारों का इस्तेमाल अन्य मामलों में तो नहीं हुआ।
पुलिस संभावित सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
व्यवसायियों में फैला था भय का माहौल
घटना के बाद टिनप्लेट सब्जी मार्केट के व्यवसायियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। दिनदहाड़े बाजार में रंगदारी मांगने और फायरिंग की घटना ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। साथ ही बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की भी मांग की जा रही है।
अपराध पर सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि रंगदारी, अवैध हथियारों और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी व्यवसायी या आम नागरिक को डर के माहौल में रहने नहीं दिया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद यदि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















