Jamshedpur News : जमशेदपुर गैंगरेप केस का 6 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए अहम सबूत

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Jamshedpur News : एमजीएम थाना क्षेत्र में महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में एसआईटी की त्वरित कार्रवाई, अपाची बाइक, मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले कई महत्वपूर्ण साक्ष्य।

Jamshedpur News : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में महिला के साथ कथित गैंगरेप मामले में पुलिस ने छह घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपाची बाइक, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया। पढ़ें पूरी खबर।

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर स्थित एमजीएम थाना क्षेत्र में महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई अपाची बाइक, मोबाइल फोन और घटनास्थल से शराब एवं बीयर की खाली बोतलें सहित कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घायल अवस्था में मिली थी महिला

ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडवाला ने प्रेस वार्ता में बताया कि 8 जुलाई की रात एमजीएम थाना क्षेत्र के सिमुलडांगा गांव के समीप एक महिला घायल अवस्था में मिली थी। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकीय उपचार के दौरान महिला ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

महिला के अनुसार, दो युवक उसे घूमने के बहाने सुनसान इलाके में लेकर गए, जहां उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गई।

महिला के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी

पीड़िता के बयान के आधार पर एमजीएम थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी को मामले की हर पहलू से जांच करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।

पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद जांच तेज कर दी गई। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और वहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मिली सफलता

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय सूचना तंत्र तथा अन्य सुरागों के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओम प्रकाश और जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा के रूप में हुई है। दोनों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सके।

घटनास्थल से बरामद हुए अहम साक्ष्य

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें, अन्य उपयोगी सामान तथा वारदात में इस्तेमाल की गई अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

पुलिस का मानना है कि बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

छह घंटे के भीतर कार्रवाई बनी चर्चा का विषय

इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मात्र छह घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई करना उनकी प्राथमिकता है ताकि पीड़ित को शीघ्र न्याय दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

ग्रामीण एसपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

पूरे मामले की जांच जारी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार मामला आगे बढ़ाया जाएगा।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही पुलिस ने कहा कि पीड़िता की पहचान और गोपनीयता की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है तथा इस संबंध में कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।

यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और कम समय में आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब पूरे मामले में आगे की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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