Drone Pilot Course Jharkhand : BIT मेसरा के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक में शुरू हुआ झारखंड का पहला DGCA-अनुमोदित ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट कोर्स, युवाओं को मिलेगा थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों का प्रशिक्षण
Drone Pilot Course Jharkhand : BIT मेसरा ने DGCA से RPTO की मान्यता प्राप्त कर झारखंड का पहला आधिकारिक ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। जानिए कोर्स की अवधि, प्रशिक्षण, शॉर्ट टर्म प्रोग्राम, पात्रता और करियर के अवसर।
Drone Pilot Course Jharkhand : झारखंड में ड्रोन तकनीक और एवीएशन शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा ने राज्य का पहला DGCA-अनुमोदित ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। केंद्र सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा BIT मेसरा को रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO) के रूप में संचालन की मंजूरी मिलने के बाद यह संस्थान झारखंड का पहला और फिलहाल एकमात्र अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र बन गया है।
यह पाठ्यक्रम BIT मेसरा के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, मेसरा में संचालित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को केवल कक्षा आधारित पढ़ाई ही नहीं बल्कि आधुनिक ड्रोन, उड़ान अभ्यास और उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। तेजी से बढ़ते ड्रोन उद्योग को देखते हुए यह पहल झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का नया अवसर मानी जा रही है।
ड्रोन संचालन के लिए भारत में आधिकारिक प्रमाणन का अधिकार DGCA के पास है। BIT मेसरा को RPTO के रूप में मिली स्वीकृति का अर्थ है कि यहां दिया जाने वाला प्रशिक्षण राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा और सफल अभ्यर्थियों को DGCA-मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट सर्टिफिकेट प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस प्रमाणपत्र के माध्यम से प्रशिक्षित उम्मीदवार कृषि, सर्वेक्षण, निर्माण, रक्षा सहयोग, आपदा प्रबंधन, फिल्म निर्माण, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अनेक क्षेत्रों में ड्रोन पायलट के रूप में करियर बना सकेंगे।
BIT मेसरा का यह कार्यक्रम पारंपरिक तकनीकी शिक्षा से आगे बढ़कर हैंड्स-ऑन लर्निंग पर विशेष जोर देता है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन उड़ाने के नियम, एयर स्पेस रेगुलेशन, सुरक्षा मानक, मौसम संबंधी जानकारी और उड़ान योजना जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।
इसके अलावा संस्थान के समर्पित प्रशिक्षण क्षेत्र में आधुनिक ड्रोन की सहायता से वास्तविक उड़ान अभ्यास कराया जाएगा, जिससे प्रशिक्षु वास्तविक परिस्थितियों में ड्रोन संचालन का अनुभव प्राप्त कर सकें।
संस्थान के अनुसार पूरा पाठ्यक्रम DGCA द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे अनुभवी प्रशिक्षकों एवं एवीएशन विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा।
BIT मेसरा के RPTO में विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस केंद्र की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- DGCA-अनुमोदित आधिकारिक प्रशिक्षण
- अनुभवी एवं प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा शिक्षण
- आधुनिक ड्रोन के साथ व्यावहारिक उड़ान अभ्यास
- एयर सेफ्टी एवं एविएशन नियमों की विस्तृत जानकारी
- उद्योग-केंद्रित कौशल विकास
- DGCA मान्यता प्राप्त ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर
संस्थान का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल ड्रोन उड़ाना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के व्यावसायिक और तकनीकी उपयोग के लिए भी तैयार करेगा।
मुख्य ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट कोर्स के साथ BIT मेसरा ने ड्रोन तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने के उद्देश्य से कई अल्पकालिक प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इन कोर्सों की अवधि 4 से 10 दिनों के बीच रखी गई है।
| कोर्स का नाम | अवधि |
|---|---|
| ड्रोन फॉरेंसिक्स | 4 दिन |
| ड्रोन प्रोग्रामिंग एंड कोडिंग | 10 दिन |
| ड्रोन GIS एंड डेटा फ्यूजन | 7 दिन |
| ड्रोन रिपेयर एंड मेंटेनेंस | 8 दिन |
| ड्रोन बेस्ड मैपिंग एंड सर्वेइंग | 7 दिन |
| ड्रोन बिल्डिंग | 7 दिन |
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों, इंजीनियरों, तकनीकी पेशेवरों और शोधकर्ताओं को ड्रोन तकनीक के विशेष क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है।
ड्रोन तकनीक आज केवल फोटोग्राफी तक सीमित नहीं रह गई है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। BIT मेसरा के इन पाठ्यक्रमों से प्रशिक्षित उम्मीदवार निम्न क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं:
- कृषि एवं स्मार्ट फार्मिंग
- भूमि सर्वेक्षण और मैपिंग
- सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाएं
- खनन और भू-वैज्ञानिक अध्ययन
- आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य
- पुलिस और ड्रोन फॉरेंसिक्स
- फिल्म एवं मीडिया प्रोडक्शन
- ड्रोन रिपेयर एवं तकनीकी सेवाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में ड्रोन उद्योग तेजी से विस्तार करेगा, जिससे प्रमाणित ड्रोन पायलटों की मांग और बढ़ेगी।
शॉर्ट टर्म कोर्सों में विद्यार्थियों को ड्रोन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। उदाहरण के तौर पर ड्रोन फॉरेंसिक्स में डिजिटल साक्ष्यों की जांच और ड्रोन से प्राप्त डेटा का विश्लेषण सिखाया जाएगा, जबकि GIS एंड डेटा फ्यूजन में भू-स्थानिक डेटा के साथ ड्रोन इमेजरी को जोड़कर विश्लेषण करना सिखाया जाएगा।
इसी तरह ड्रोन रिपेयर एंड मेंटेनेंस में हार्डवेयर की मरम्मत, मोटर, सेंसर और कंट्रोल सिस्टम की समझ विकसित की जाएगी। वहीं ड्रोन बिल्डिंग कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ड्रोन की डिजाइनिंग, असेंबली और परीक्षण की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।
झारखंड खनन, कृषि, वन क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण राज्य है। इन सभी क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में राज्य के भीतर ही DGCA-अनुमोदित प्रशिक्षण उपलब्ध होने से युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी।

इसके साथ ही स्थानीय उद्योगों, सरकारी विभागों और स्टार्टअप्स को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, जिससे राज्य में ड्रोन आधारित सेवाओं का विस्तार होने की संभावना बढ़ेगी।
BIT मेसरा ने इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए आधिकारिक RPTO Registration Form के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार संस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पात्रता, प्रशिक्षण तिथियों और शुल्क संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
DGCA-अनुमोदित इस पहल के माध्यम से BIT मेसरा झारखंड में ड्रोन शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। यह कार्यक्रम राज्य के विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकता है।













