Jamshedpur News : पोटका विधायक संजीव सरदार पर दुलाल भुइयाँ का निशाना, सहायक अभियंता और कार्यपालक अभियंता के साथ कथित दुर्व्यवहार पर जताई नाराजगी
Jamshedpur News : जमशेदपुर में भाजपा नेता और पूर्व मंत्री दुलाल भुइयाँ ने पोटका विधायक संजीव सरदार पर गंभीर आरोपों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने स्वर्णरेखा परियोजना के दो इंजीनियरों से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में विधायक से माफी मांगने तथा मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग की।
Jamshedpur News : झारखंड की राजनीति में पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार को लेकर विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री दुलाल भुइयाँ ने विधायक संजीव सरदार पर निशाना साधते हुए उनसे तत्काल माफी मांगने की मांग की है। दुलाल भुइयाँ ने आरोप लगाया कि स्वर्णरेखा परियोजना से जुड़े जल संसाधन विभाग के दो इंजीनियरों के साथ विधायक के आवास पर कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इस घटना को गलत और निंदनीय बताते हुए मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
दुलाल भुइयाँ के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को अपने पद और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं करना चाहिए। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
पूर्व मंत्री दुलाल भुइयाँ के अनुसार, पोटका विधानसभा क्षेत्र के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक संजीव सरदार के आवास पर जल संसाधन विभाग की स्वर्णरेखा परियोजना में कार्यरत सहायक अभियंता विजय तिर्की और कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और बदसलूकी की गई।
दुलाल भुइयाँ ने इस कथित घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, अधिकारी अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन करते हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर विधायक और अधिकारियों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ऐसे मतभेदों का समाधान बातचीत, प्रशासनिक प्रक्रिया और नियमों के माध्यम से किया जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी के कामकाज को लेकर शिकायत है, तो उसके लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई और जांच का रास्ता मौजूद है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों, विधायक संजीव सरदार और प्रशासन का पक्ष जानना जरूरी है।
दुलाल भुइयाँ ने अपने बयान में सहायक अभियंता विजय तिर्की और कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के इन दोनों अधिकारियों ने मेहनत और संघर्ष के बाद अपने पद हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सामाजिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, उनके सम्मान और गरिमा की रक्षा होनी चाहिए।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटना से आदिवासी समाज की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार के लिए पूरे समाज को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए और समाज के सम्मान को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।
दुलाल भुइयाँ ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज के लोग लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद शिक्षा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों से समाज के लोग बेहतर व्यवहार और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा करते हैं। ऐसे मामलों में संयम, संवाद और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन जरूरी है।
पूर्व मंत्री दुलाल भुइयाँ ने विधायक संजीव सरदार से सहायक अभियंता विजय तिर्की और कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और संबंधित पक्षों के सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए।
दुलाल भुइयाँ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह के मामलों को आदिवासी समाज स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने विधायक के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
भाजपा नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी दोनों इंजीनियरों के साथ खड़ी है। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि भाजपा इस मामले को अधिकारियों के सम्मान और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही के मुद्दे के रूप में उठा रही है।
हालांकि, माफी की मांग के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित पक्षों की बात सुनी जा सके।
दुलाल भुइयाँ ने झारखंड के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने विधायक संजीव सरदार की मानसिकता की जांच कराने की बात कही और कथित घटना को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
उनका कहना है कि सरकारी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की हिंसा या अपमानजनक व्यवहार की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मांग के साथ एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि क्या मामले की कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, क्या प्रशासन ने जांच शुरू की है और संबंधित विभाग ने इस पर कोई कदम उठाया है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
पोटका विधायक संजीव सरदार को लेकर दुलाल भुइयाँ का बयान झारखंड में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है। भाजपा नेता ने जहां विधायक से माफी मांगने और मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग की है, वहीं मामले की निष्पक्षता के लिए सभी पक्षों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन नियमों के तहत करना चाहिए, जबकि जनप्रतिनिधियों से भी कानून, मर्यादा और संवाद का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।
यदि किसी अधिकारी के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार हुआ है, तो इसकी जांच संबंधित तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर होनी चाहिए। वहीं, यदि किसी विभागीय कार्य को लेकर विवाद था, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल, भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री दुलाल भुइयाँ ने विधायक संजीव सरदार से दोनों इंजीनियरों से माफी मांगने और मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने की मांग की है। अब इस पूरे विवाद में विधायक संजीव सरदार, संबंधित इंजीनियरों और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।













