Jamshedpur News : दुर्गापूजा 2026 को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने पूजा पंडालों, दुकानों और घरेलू उपयोग के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन की नई दरें जारी कर दी हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना मीटर किसी भी आयोजन को बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा और प्रतिदिन मीटर रीडिंग अनिवार्य होगी।
Jamshedpur News : दुर्गापूजा 2026 की तैयारियां पूरे झारखंड में जोरों पर हैं। इसी बीच झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने पूजा पंडालों, दुकानों और घरेलू उपयोग के लिए पांच दिनों के अस्थायी बिजली कनेक्शन की नई दरें जारी कर दी हैं। इस बार विभाग ने बिजली आपूर्ति को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं ताकि बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके।
बिजली विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मीटर किसी भी पूजा पंडाल, आयोजन स्थल या दुकान को अस्थायी बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। साथ ही बिजली की वास्तविक खपत का आकलन करने के लिए प्रतिदिन मीटर रीडिंग लेना अनिवार्य होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्युत आपूर्ति पदाधिकारियों को सौंपी गई है।
जमशेदपुर के अधीक्षण विद्युत अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क में आवेदन शुल्क, मीटर शुल्क, सेवा शुल्क और अग्रिम ऊर्जा शुल्क शामिल हैं। उपभोक्ताओं को आवेदन करने से पहले संबंधित विद्युत कार्यालय से सभी आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी प्राप्त कर लेने की सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि जमा की गई अग्रिम सुरक्षा राशि का समायोजन अंतिम मीटर रीडिंग के आधार पर बिजली शुल्क में किया जाएगा। यदि वास्तविक खपत कम रहती है तो उसी अनुसार राशि का समायोजन किया जाएगा।
गैर-घरेलू श्रेणी यानी पूजा पंडाल, दुकानों और अन्य आयोजनों के लिए पांच दिनों के अस्थायी बिजली कनेक्शन की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं—
- 1 किलोवाट – ₹2,643
- 2 किलोवाट – ₹4,336
- 3 किलोवाट – ₹6,029
- 4 किलोवाट – ₹7,721
- 5 किलोवाट – ₹9,414
- 6 किलोवाट – ₹11,839
- 7 किलोवाट – ₹13,532
- 8 किलोवाट – ₹15,225
- 9 किलोवाट – ₹16,918
- 10 किलोवाट – ₹18,610
बिजली विभाग का कहना है कि पूजा समितियां अपनी आवश्यकता के अनुसार लोड का चयन करें ताकि बाद में अतिरिक्त भार के कारण बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
घरेलू श्रेणी में अस्थायी बिजली कनेक्शन की दरें गैर-घरेलू श्रेणी की तुलना में कम रखी गई हैं। पांच दिनों के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार है—
- 1 किलोवाट – ₹2,587
- 2 किलोवाट – ₹3,999
- 3 किलोवाट – ₹5,411
- 4 किलोवाट – ₹6,823
- 5 किलोवाट – ₹8,235
- 6 किलोवाट – ₹10,379
- 7 किलोवाट – ₹11,790
- 8 किलोवाट – ₹13,202
- 9 किलोवाट – ₹14,614
- 10 किलोवाट – ₹16,026
विभाग का कहना है कि घरेलू उपयोग के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और मीटर आधारित बिजली कनेक्शन ही उपलब्ध कराया जाएगा।
इस बार बिजली विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मीटर किसी भी आयोजन को अस्थायी बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बिजली चोरी पर रोक लगेगी और वास्तविक बिजली खपत का सही आकलन किया जा सकेगा।
साथ ही हर दिन मीटर रीडिंग लेने की व्यवस्था लागू की गई है ताकि बिजली उपयोग की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके। यदि किसी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो विभाग आवश्यक कार्रवाई भी करेगा।
विद्युत महाप्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि पूजा के दौरान बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए विभाग की विशेष टीमें सक्रिय रहेंगी। अधिकारी प्रतिदिन मीटर रीडिंग की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी उपभोक्ता निर्धारित नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि पूजा समितियों और अन्य अस्थायी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को समय रहते आवेदन कर देना चाहिए ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिजली विभाग ने सभी पूजा समितियों, दुकानदारों और आयोजकों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही अस्थायी बिजली कनेक्शन लें। बिना अनुमति बिजली का उपयोग करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने यह भी कहा है कि समय पर आवेदन करने, सही लोड का चयन करने और सभी दस्तावेज पूरे रखने से कनेक्शन प्राप्त करने में आसानी होगी।
हर वर्ष दुर्गापूजा के दौरान हजारों अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी किए जाते हैं। इस बार विभाग का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। मीटर आधारित व्यवस्था लागू होने से न केवल बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा बल्कि उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करना होगा।
बिजली विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन करने से त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सकेगा।











