Jamshedpur News : दो दिन बाद मिला बाढ़ में डूबे टीपू कुमार का शव, परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

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Jamshedpur News : कदमा के शास्त्रीनगर में बाढ़ के तेज बहाव में बहा था 28 वर्षीय युवक, एनडीआरएफ ने दो दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद छठ घाट के पास बरामद किया शव

Jamshedpur News : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव में लापता हुए 28 वर्षीय टीपू कुमार का शव दो दिन बाद एनडीआरएफ ने बरामद किया। शास्त्रीनगर मरीन ड्राइव स्थित छठ घाट के पास झाड़ियों में फंसे शव की पहचान परिजनों ने की। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

Jamshedpur News : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। बीते मंगलवार देर रात बाढ़ के तेज बहाव में बह गए 28 वर्षीय टीपू कुमार का शव गुरुवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया। दो दिनों तक लगातार चले सर्च ऑपरेशन के बाद शास्त्रीनगर मरीन ड्राइव स्थित छठ घाट के समीप नदी किनारे झाड़ियों में शव फंसा मिला। शव मिलने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है।

गुरुवार सुबह शास्त्रीनगर रोड नंबर-5 मरीन ड्राइव के समीप कुछ स्थानीय लोग नदी में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर नदी किनारे झाड़ियों में फंसे एक शव पर पड़ी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना कदमा थाना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही कदमा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। बचाव दल ने सावधानीपूर्वक शव को नदी से बाहर निकाला। दो दिनों तक पानी में रहने के कारण शव काफी फूल चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया था।

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने टीपू कुमार के परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और कपड़ों व अन्य पहचान के आधार पर शव की पुष्टि टीपू कुमार के रूप में की।

जैसे ही पहचान हुई, वहां मौजूद परिजनों का दर्द छलक पड़ा। परिवार की महिलाओं और रिश्तेदारों की चीख-पुकार से पूरा घाट गमगीन हो गया। आसपास मौजूद लोग भी इस मार्मिक दृश्य को देखकर भावुक हो उठे।

जानकारी के अनुसार 18 अगस्त की रात जमशेदपुर के शास्त्रीनगर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था और तेज बहाव रिहायशी इलाके तक पहुंच गया था।

इसी दौरान टीपू कुमार अपने घर में घुसे पानी से सामान निकालने की कोशिश कर रहा था। अचानक वह तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी में बह गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी उसे पकड़ नहीं सका।

कुछ ही क्षणों में टीपू सबकी आंखों के सामने लापता हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही कदमा थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी। मंगलवार देर रात से ही नदी में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

एनडीआरएफ की टीम ने नाव, लाइफ जैकेट और विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया। तेज बहाव, गंदला पानी और लगातार बदलते जलस्तर के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

लगातार दो दिनों की मेहनत के बाद गुरुवार सुबह टीम को सफलता मिली और छठ घाट के पास झाड़ियों में फंसा शव बरामद किया गया।

टीपू कुमार की मौत से शास्त्रीनगर इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ और जलभराव के दौरान प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे जाने से रोकने के लिए और अधिक सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए थी।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि टीपू बेहद मिलनसार और मेहनती युवक था। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहता था। उसकी असामयिक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

कदमा थाना पुलिस ने शव बरामद होने के बाद पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बाढ़ के तेज बहाव में डूबने का है। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार बाढ़ के समय कुछ सावधानियां जीवन बचा सकती हैं:

  • तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें।
  • घर में पानी भरने पर पहले बिजली का मुख्य स्विच बंद करें।
  • प्रशासन और एनडीआरएफ के निर्देशों का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या राहत दल को सूचना दें।

टीपू कुमार की यह दुखद घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बाढ़ के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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