Jamshedpur News : डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन से मुखियाडांगा के राधा गोविंदनाथ मंदिर तक निकली घुरती रथयात्रा, बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के रहे विशेष इंतजाम।
Jamshedpur News: जमशेदपुर में भगवान जगन्नाथ की घुरती रथयात्रा मूसलाधार बारिश के बीच श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की वापसी यात्रा में भाग लिया। पढ़ें पूरी खबर।
जमशेदपुर: भगवान जगन्नाथ की घुरती रथयात्रा शुक्रवार को जमशेदपुर में पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। मूसलाधार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। हजारों की संख्या में भक्त भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ रथ को खींचते हुए यात्रा में शामिल हुए। बारिश की फुहारों के बीच “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
घुरती रथयात्रा डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन से प्रारंभ होकर मुखियाडांगा स्थित राधा गोविंदनाथ मंदिर तक निकाली गई। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बारिश के बावजूद महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे यात्रा की भव्यता और भी बढ़ गई।
बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था
सुबह से ही मौसम खराब था और लगातार बारिश हो रही थी। इसके बावजूद श्रद्धालु बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होने पहुंचे। किसी ने छाता लेकर तो किसी ने भीगते हुए ही भगवान का रथ खींचा। भक्तों का कहना था कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन और उनकी सेवा का अवसर जीवन में सौभाग्य से मिलता है, इसलिए बारिश उनके उत्साह को कम नहीं कर सकती।
पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ”, “हरि बोल” और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पेयजल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की, जिससे यात्रा का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।
धार्मिक परंपरा के अनुसार निकाली गई वापसी यात्रा
हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथयात्रा के दौरान अपने धाम से निकलकर मौसीबाड़ी जाते हैं। इस वर्ष 16 जुलाई को आयोजित सीधी रथयात्रा में भगवान अपने भाई-बहन के साथ मौसीबाड़ी पहुंचे थे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नौवें दिन भगवान अपने धाम वापस लौटते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए शुक्रवार को घुरती रथयात्रा निकाली गई। इस यात्रा को श्रद्धालु भगवान की घर वापसी का शुभ अवसर मानते हैं और बड़ी श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेते हैं।
पूरे मार्ग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रथयात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। लोग अपने परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंचे। कई श्रद्धालु रथ की रस्सी पकड़कर भगवान की सेवा का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए उत्साहित दिखाई दिए।
रास्ते में कई स्थानों पर भक्तों ने भगवान की आरती उतारी और पुष्प अर्पित किए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों ने यात्रा में भाग लेकर धार्मिक एकता और आस्था का परिचय दिया।
समिति ने किए थे व्यापक इंतजाम
घुरती रथयात्रा को सफल बनाने के लिए राजबाड़ी और शिव मंदिर परिसर में आयोजन समिति की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। यात्रा मार्ग की साफ-सफाई, रथ की सजावट, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया था।
बारिश की संभावना को देखते हुए भी आयोजन समिति ने आवश्यक तैयारियां पहले से कर रखी थीं, जिससे यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सहायता करते हुए व्यवस्था संभालते नजर आए।
सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम
रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवाओं की भी व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और आयोजन समिति के बेहतर समन्वय के कारण पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम
जमशेदपुर की घुरती रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनकर सामने आई। लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह यह दर्शाता है कि भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।
भक्तों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होने और रथ खींचने से जीवन में सुख-समृद्धि तथा शुभ फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक रहते हैं।
आस्था का बना अविस्मरणीय दृश्य
मूसलाधार बारिश, भगवान जगन्नाथ के जयघोष, भक्ति संगीत और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस वर्ष की घुरती रथयात्रा को यादगार बना दिया। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला और लोगों ने भगवान की घर वापसी यात्रा का स्वागत पूरे हर्षोल्लास के साथ किया।
श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, भगवान जगन्नाथ की सेवा और दर्शन से बड़ा कोई सौभाग्य नहीं हो सकता। यही अटूट आस्था इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान रही।














