Ramgarh Encounter : रामगढ़, धनबाद और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना पर की कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज
Ramgarh Encounter : रामगढ़ के भुरकुंडा में संयुक्त पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रिंस खान गिरोह का शातिर अपराधी शिवराज उर्फ शिवा मुठभेड़ में घायल हुआ। पुलिस ने हथियार, कारतूस और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।
झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गिरोह से जुड़े शातिर अपराधी शिवराज उर्फ शिवा को मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार कर लिया। रविवार देर रात हुई इस कार्रवाई में रामगढ़, धनबाद और रांची पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि यह अभियान लंबे समय से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया।
पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह से जुड़े कुछ अपराधी भुरकुंडा के रिवरसाइड इलाके में स्थित बंद पड़े केंद्रीय विद्यालय के आसपास छिपे हुए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद रामगढ़, धनबाद और रांची पुलिस की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही अपराधियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस और अपराधियों के बीच कई राउंड चली गोलियां
घेराबंदी के दौरान दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शिवराज उर्फ शिवा के पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल अपराधी की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका उपचार जारी है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सके।
प्रिंस खान गिरोह का करीबी सहयोगी है शिवराज
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अपराधी शिवराज उर्फ शिवा धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का करीबी सहयोगी रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। इतना ही नहीं, जांच में यह भी पता चला है कि वह पहले अपराधी राहुल दुबे के लिए भी काम कर चुका है।
पुलिस को आशंका है कि शिवराज कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है और उसके माध्यम से गिरोह के कई अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसी कारण पुलिस उससे गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मौके से हथियार और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद
मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने एक पिस्तौल, दो मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए। इसके अलावा आगे की छापेमारी में चार और पिस्टल तथा करीब पांच दर्जन जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए।
बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया है। वहीं मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की डिजिटल जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे गिरोह के संपर्क सूत्र, आर्थिक लेन-देन और अन्य अपराधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
संयुक्त अभियान की एसपी ने की निगरानी
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूनायत पूरे अभियान के दौरान लगातार निगरानी करते रहे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर अभियान का नेतृत्व किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिससे किसी पुलिसकर्मी या आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
एसपी ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई करना और जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हैं। गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ के आधार पर कई संभावित ठिकानों की पहचान की जा रही है, जहां आने वाले दिनों में छापेमारी की जाएगी। विभिन्न जिलों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति तैयार की गई है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह किन-किन जिलों में सक्रिय था और उसके पास हथियारों की आपूर्ति कहां से हो रही थी। इसके अलावा रंगदारी, अवैध वसूली और अन्य संगठित अपराधों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लंबे समय से सक्रिय अपराधियों पर संयुक्त अभियान चलाकर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि किसी भी आपराधिक गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से ऐसे अभियानों की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के नेटवर्क को तेजी से चिन्हित कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच रिपोर्ट आने के बाद कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं गिरफ्तार अपराधी शिवराज उर्फ शिवा से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।















