Jamshedpur News : डुमरिया में सड़क-पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
Jamshedpur News : दुखनी सोरेन के नेतृत्व में प्रखंड मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण, हरेबेड़ा-नरसिंहबहाल, जय नदी और शंख नदी पर पुल निर्माण की मांग; बीडीओ-सीओ के कार्यालय में नहीं रहने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने दी तालाबंदी की चेतावनी।
Jamshedpur News : झारखंड के जमशेदपुर क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया प्रखंड में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विशाल प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की बेटी एवं समाज सेविका दुखनी सोरेन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण रैली निकालकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में वर्षों से बनी सड़क और पुल की समस्याओं को लेकर प्रशासन तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) के कार्यालय में मौजूद नहीं रहने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और आने वाले दिनों में कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी।
डुमरिया प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में सड़क, पुल और पुलिया निर्माण की समस्या लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई गांवों के लोग आज भी बेहतर सड़क संपर्क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा से वंचित हैं। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की बेटी और समाज सेविका दुखनी सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रैली निकाली। रैली के माध्यम से ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क और पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए इन समस्याओं का समाधान बेहद जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए मांग की कि क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
डुमरिया प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में बरसात का मौसम कई परिवारों के लिए गंभीर चुनौतियां लेकर आता है। नदी, नाला और जलस्रोतों के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क तथा आसपास के गांवों से कट जाता है। ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसका सबसे अधिक प्रभाव विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों पर पड़ता है। विद्यार्थियों को स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। वहीं, किसानों और मजदूरों के लिए अपने कार्यस्थल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क और पुल-पुलिया का अभाव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसलिए क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करना आवश्यक है।
प्रदर्शन के दौरान हरेबेड़ा से नरसिंहबहाल को जोड़ने वाली नदी पर पुलिया निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस नदी पर पुलिया नहीं होने के कारण दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन में काफी परेशानी होती है।
बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें और अधिक बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में सुरक्षित रास्ते का अभाव लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ग्रामीणों ने मांग की कि हरेबेड़ा से नरसिंहबहाल को जोड़ने वाली नदी पर जल्द पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
इसके साथ ही जय नदी और शंख नदी पर भी समुचित पुल निर्माण की मांग उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि इन नदियों पर बेहतर पुल व्यवस्था नहीं होने से आसपास के गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल की समस्या का सबसे गंभीर प्रभाव आपातकालीन परिस्थितियों में देखने को मिलता है। किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या दुर्घटना की स्थिति में उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी और नालों पर पुल-पुलिया नहीं होने के कारण कई बार लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बरसात में रास्ते बाधित होने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में और अधिक कठिनाई होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए सड़क और पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीणों के जीवन और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।









