JPSC-JSSC Protest : JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के झारखंड बंद को लेकर पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने सरकार पर साधा निशाना
JPSC-JSSC Protest : जमशेदपुर में झारखंड बंद को लेकर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने दावा किया कि कोल्हान समेत पूरे झारखंड में बंद सफल रहा। उन्होंने छात्रों और आम जनता का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। बंद का आह्वान JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर रांची में पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया था।
जमशेदपुर। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद और छात्र आंदोलन के बीच भाजपा के आह्वान पर मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का असर देखने को मिला। बंद को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इसी क्रम में जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र में भी बंद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। भाजपा नेता और झारखंड के पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने बंद को सफल बताते हुए राज्य की जनता और छात्रों का आभार जताया।
दुलाल भुइयां ने कहा कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार ने आंदोलन के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल किया। इसी के विरोध में भाजपा ने पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया था।

JPSC-JSSC विवाद को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव
दरअसल, JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन चल रहा है। सोमवार को छात्रों की ओर से विधानसभा मार्च और घेराव का प्रयास किया गया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद भाजपा ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया।
भाजपा का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्रों के साथ सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए था। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, छात्र आंदोलन का मूल मुद्दा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ा हुआ है।
दुलाल भुइयां बोले- कोल्हान में भी दिखा बंद का असर
जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दुलाल भुइयां ने दावा किया कि बंद का असर केवल राजधानी रांची तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कोल्हान समेत पूरे झारखंड में लोगों ने बंद का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आम जनता और छात्रों ने जिस तरह से बंद को समर्थन दिया, उसके लिए वे सभी का धन्यवाद करते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से छात्रों का आभार जताते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा मुद्दा सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। रोजगार की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हालांकि, जमशेदपुर में बंद के प्रभाव को लेकर सामने आई कुछ रिपोर्टों में बाजारों के प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात के सामान्य रहने और बंद के मिले-जुले असर की बात कही गई है। इसलिए बंद को पूरे क्षेत्र में पूर्ण रूप से सफल बताना भाजपा नेताओं का राजनीतिक दावा है, जबकि जमीनी स्थिति अलग-अलग इलाकों में अलग रही।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दुलाल भुइयां का हमला
भाजपा नेता दुलाल भुइयां ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई, उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
दुलाल भुइयां का कहना है कि राज्य में युवाओं के बीच भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से ही असंतोष है। यदि आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे सरकार के प्रति युवाओं का भरोसा और कमजोर हो सकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का निष्पक्ष समाधान निकालने की मांग की।
छात्रों के मुद्दे पर भाजपा ने सरकार को घेरा
भाजपा के झारखंड बंद का मुख्य राजनीतिक केंद्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाएं बनी रहीं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। भाजपा ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
दूसरी ओर, छात्र आंदोलन के दौरान उठाई जा रही मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच तथा अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल हैं। इस पूरे विवाद ने झारखंड की राजनीति में एक बार फिर युवाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को केंद्र में ला दिया है।
पूर्व मंत्री से भाजपा नेता तक का राजनीतिक सफर
दुलाल भुइयां झारखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे पूर्व में झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके हैं और जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं। फरवरी 2026 में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
भाजपा में शामिल होने के बाद दुलाल भुइयां लगातार राज्य सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन को विभिन्न मुद्दों पर घेरते रहे हैं। वर्तमान में JPSC-JSSC विवाद को लेकर उनका बयान भी भाजपा के आंदोलन और बंद के समर्थन में सामने आया है।
बंद के बाद आगे क्या?
झारखंड बंद के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों का समाधान युवाओं के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को बढ़ा सकता है। भाजपा जहां छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं सरकार के सामने चुनौती यह है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों और छात्रों की मांगों पर ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो सके।
जमशेदपुर में दुलाल भुइयां ने बंद को सफल बताते हुए जनता और छात्रों को धन्यवाद दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस राजनीतिक दबाव और छात्रों के आंदोलन के बीच आगे क्या कदम उठाती है।












