JPSC – JSSC Protest : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। जमशेदपुर समेत कई जिलों के छात्र धरने पर बैठे हैं। विधायक अंबा प्रसाद और टाइगर जयराम महतो ने आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया है।
JPSC – JSSC Protest : झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते कई दिनों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में जमशेदपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे छात्र शामिल हैं, जो परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। छात्रों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जबकि यह मुद्दा हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई दिनों से आंदोलन जारी रहने के बावजूद राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ मंत्री या जिम्मेदार प्रतिनिधि अब तक उनसे मिलने नहीं पहुंचा। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है तो उसे सीधे आंदोलन स्थल पर आकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस दिन राज्य में एक महत्वपूर्ण पुण्यतिथि कार्यक्रम आयोजित किया गया, उस दिन भी उनकी मांगों और आंदोलन की ओर ध्यान नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि सरकार सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यस्त रही, लेकिन परीक्षा संबंधी विवाद और आंदोलन कर रहे युवाओं की समस्याओं पर कोई गंभीर पहल नहीं दिखाई गई। इसे लेकर भी छात्रों ने सरकार से जवाब मांगा है।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध से जुड़ी नहीं है। उनका उद्देश्य केवल इतना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठते रहेंगे तो युवाओं का आयोगों पर विश्वास कमजोर होगा।
इस बीच आंदोलन को कुछ जनप्रतिनिधियों का नैतिक समर्थन भी मिला है। विधायक अंबा प्रसाद और विधायक टाइगर जयराम महतो ने छात्रों के आंदोलन के प्रति नैतिक समर्थन व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने छात्रों की भावनाओं का सम्मान करने और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने की बात कही है। हालांकि छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल नैतिक समर्थन या राजनीतिक बयान नहीं चाहिए, बल्कि सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई और स्पष्ट निर्णय चाहिए।
धरने में शामिल छात्रों ने कहा कि राज्य के हजारों युवा वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बार-बार विवाद सामने आते हैं तो इससे अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है। उनका कहना है कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे विवाद दोबारा सामने न आएं।
आंदोलन में शामिल कई छात्रों ने यह भी कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं निकला है। ऐसे में अब आंदोलन को तेज करना उनकी मजबूरी बन गया है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीर पहल नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
धरना स्थल पर लगातार छात्रों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। विभिन्न जिलों से छात्र संगठन और अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होकर एकजुटता दिखा रहे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि यह केवल कुछ छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे राज्य के उन युवाओं की आवाज है जो निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया चाहते हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर किसी बड़े निर्णय या आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति को और मजबूत किया जा सकता है।
झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ा यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन चुका है। जहां एक ओर छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और इस विवाद का समाधान किस दिशा में आगे बढ़ता है।














