Jamshedpur News: सड़क हादसे में घायल शिक्षिका रजनीगंधा दास की इलाज के दौरान मौत, शिक्षक समुदाय में शोक की लहर

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Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम के एदेलबेड़ा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थीं शिक्षिका, हाईवे पर बाइक अनियंत्रित होने से हुआ हादसा, TMH में उपचार के दौरान तोड़ा दम

Jamshedpur News : जमशेदपुर की शिक्षिका रजनीगंधा दास की सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। वह एदेलबेड़ा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थीं और झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की सक्रिय सदस्य भी थीं। उनके निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जमशेदपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शिक्षा जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। शहर के साकची जेल चौक निवासी शिक्षिका रजनीगंधा दास की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पूर्वी सिंहभूम जिले के एदेलबेड़ा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही शिक्षक समुदाय, विद्यालय परिवार और झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों में शोक की लहर दौड़ गई।

रजनीगंधा दास अपने समर्पित शिक्षण कार्य और सामाजिक सक्रियता के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

विद्यालय जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रजनीगंधा दास रोजाना की तरह सुबह अपने घर से बाइक पर सवार होकर विद्यालय के लिए निकली थीं। वह नियमित रूप से पूर्वी सिंहभूम के एदेलबेड़ा प्राथमिक विद्यालय में अपनी सेवाएं देती थीं। इसी दौरान हाईवे पर उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई।

बाइक का संतुलन बिगड़ने के बाद वह सड़क पर गिर गईं। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उनका हेलमेट भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में उनके सिर पर गंभीर अंदरूनी चोट आई, जिससे उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

स्थानीय लोगों ने दिखाई मानवता, तुरंत पहुंचाया अस्पताल

दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल शिक्षिका की सहायता की। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए लगातार इलाज जारी रखा गया, लेकिन सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

उनकी मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

शिक्षा जगत में शोक की लहर

रजनीगंधा दास की मृत्यु की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और शिक्षक समुदाय में शोक की लहर फैल गई। विद्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें एक समर्पित, अनुशासित और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील शिक्षिका बताया।

सहकर्मियों के अनुसार, वह हमेशा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देती थीं और विद्यालय में अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करती थीं। उनके अचानक चले जाने से विद्यालय परिवार स्तब्ध है।

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने जताया दुख

रजनीगंधा दास झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की सक्रिय सदस्य भी थीं। उनके निधन की सूचना मिलते ही संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया।

संघ की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया कि रजनीगंधा दास ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और हमेशा शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनका निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।

संघ ने दिवंगत शिक्षिका को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही परिवार को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी व्यक्त किया।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और अन्य लोग अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में हाईवे पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण, हेलमेट का सही तरीके से उपयोग और सड़क की स्थिति पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। हालांकि इस मामले में हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

परिवार और परिचितों में मातम

रजनीगंधा दास के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के साथ-साथ उनके मित्र, सहकर्मी और छात्र भी इस दुखद घटना से बेहद आहत हैं। सोशल मीडिया पर भी कई शिक्षकों और परिचितों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनकी सरलता, कार्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को याद किया।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

जमशेदपुर की शिक्षिका रजनीगंधा दास का असमय निधन पूरे शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विद्यालय जाते समय हुए सड़क हादसे ने एक समर्पित शिक्षिका की जीवन यात्रा को अचानक समाप्त कर दिया। उनका शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षक समाज में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा याद की जाएगी। शिक्षक संगठनों, सहकर्मियों और समाज के लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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