Jamshedpur News : मूसलाधार बारिश में भी धधकती रही आग: झारखंड के एनएच-220 पर डंपर-ट्रेलर की भीषण टक्कर में दो चालक जिंदा जले

---Advertisement---
Jamshedpur News : राजनगर-चाईबासा एनएच-220 पर देर रात दर्दनाक हादसा, डंपर और ट्रेलर में लगी भीषण आग; दो चालकों की मौत, दो घायल, फोरलेन सड़क की मांग फिर हुई तेज।

Jamshedpur News : झारखंड के राजनगर-चाईबासा एनएच-220 पर मूसलाधार बारिश के बीच डंपर और ट्रेलर की भीषण टक्कर में आग लगने से दो चालकों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में दो अन्य घायल हुए। लगातार बारिश के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ने पर फोरलेन की मांग फिर तेज हो गई।

झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार देर रात एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) पर रोला-खैरबनी मोड़ के पास डंपर और ट्रेलर की आमने-सामने की भीषण टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि दो चालक वाहन के अंदर ही जिंदा जल गए, जबकि दो अन्य चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह हादसा सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे हुआ, जब क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी। बारिश के बावजूद आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन आग के गोले में बदल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

तेज बारिश के बावजूद नहीं थमी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर और ट्रेलर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आमतौर पर बारिश आग की तीव्रता को कम कर देती है, लेकिन इस हादसे में आग इतनी तेजी से फैली कि लगातार हो रही बारिश भी उसे नियंत्रित नहीं कर सकी।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चालकों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावह लपटों और तेज गर्मी के कारण कोई भी वाहन के पास नहीं जा सका। देखते ही देखते दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

दो चालकों की दर्दनाक मौत

हादसे में ट्रेलर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं डंपर चालक गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे तत्काल चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

दोनों चालकों की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पीछे आ रहे दो ट्रेलर भी हादसे का शिकार

मुख्य दुर्घटना के बाद पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रेलर भी अचानक स्थिति को संभाल नहीं सके। कम दृश्यता और सड़क पर फैली अफरा-तफरी के कारण दोनों वाहन आपस में टकरा गए और सड़क किनारे खेत में पलट गए।

इस दूसरी दुर्घटना में दोनों ट्रेलर चालक घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि इन दोनों वाहनों में आग नहीं लगी।

दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग

घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि उसे पूरी तरह बुझाने में करीब दो घंटे का समय लग गया।

दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस ने सड़क से जले हुए वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया। हादसे के कारण एनएच-220 पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

पुलिस ने शुरू की जांच

राजनगर थाना पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क पर फिसलन, कम दृश्यता और भारी वाहनों की तेज रफ्तार इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय किसी वाहन ने ओवरटेक करने की कोशिश तो नहीं की थी या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

बारिश के मौसम में बढ़ा सड़क हादसों का खतरा

झारखंड में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-220 पर कई स्थानों पर सड़क फिसलन भरी हो गई है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-220 पर हर वर्ष बारिश के मौसम में कई गंभीर सड़क हादसे होते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने और भारी ट्रकों एवं ट्रेलरों की आवाजाही के कारण वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के दौरान भारी वाहनों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए और पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

फोरलेन सड़क की मांग फिर हुई तेज

इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर राजनगर-चाईबासा एनएच-220 को फोरलेन बनाने की मांग तेज कर दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान सड़क संकरी होने के कारण भारी वाहनों को एक-दूसरे को पास देने में कठिनाई होती है। बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। यदि सड़क का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट तथा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था की जाए तो ऐसे हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

सुरक्षा उपायों की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर सड़क संकेतक, स्पीड मॉनिटरिंग, नियमित पेट्रोलिंग और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। साथ ही भारी वाहन चालकों को मौसम के अनुसार सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की सलाह दी जाती है।

राजनगर-चाईबासा एनएच-220 पर हुआ यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता की ओर ध्यान दिलाता है। यदि समय रहते आवश्यक सुधार किए जाएं, तो भविष्य में कई अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं।

Join Facebook

Join Now

Join Instagram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment