Jamshedpur News : छोटा गोविंदपुर में सरकारी भूमि पर बने दोमंजिला मकान को जेसीबी से किया गया ध्वस्त, भारी विरोध के बीच ढाई घंटे चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
Jamshedpur News : जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने दोमंजिला मकान को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। खाता संख्या 265, प्लॉट संख्या 157 की लगभग तीन डिसमिल भूमि पर पिछले आठ वर्षों से कब्जा हटाने की कार्रवाई लंबित थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढाई घंटे तक अभियान चला और अतिक्रमण पूरी तरह हटाया गया।
जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर इलाके में बुधवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने दोमंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। लंबे समय से विवादित इस अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने जेसीबी मशीन और भारी पुलिस बल के साथ विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और मकान मालिक के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पूरे अतिक्रमण को हटा दिया।
यह कार्रवाई पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, खाता संख्या 265 और प्लॉट संख्या 157 की लगभग तीन डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दोमंजिला मकान का निर्माण किया गया था। इस भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया पिछले आठ वर्षों से चल रही थी। कई बार नोटिस जारी किए गए और संबंधित पक्ष को स्वयं कब्जा हटाने का अवसर भी दिया गया, लेकिन निर्माण नहीं हटाए जाने के कारण अंततः प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण पूरी तरह अवैध था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व जमशेदपुर अंचल अधिकारी (सीओ) मनोज कुमार और दंडाधिकारी एसपी रुद्रो ने किया। सुबह प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीन, राजस्व कर्मियों और पुलिस बल के साथ छोटा गोविंदपुर पहुंची।
कार्रवाई शुरू होने से पहले अधिकारियों ने एक बार फिर मकान खाली करने की घोषणा की। इसके बावजूद मकान के भीतर मौजूद लोगों ने बाहर निकलने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस ने समझाइश देकर सभी परिजनों और प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जैसे ही जेसीबी ने मकान तोड़ना शुरू किया, स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ महिलाओं और परिजनों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर सुरक्षा घेरा बनाया, जिसके बाद जेसीबी ने मकान के ऊपरी हिस्से से ध्वस्तीकरण शुरू किया। करीब ढाई घंटे तक चले अभियान में पूरी दोमंजिला संरचना को गिरा दिया गया और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त घोषित किया गया।
अंचल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय एवं राजस्व प्रक्रिया के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति को कई वर्षों से नोटिस दिए जा रहे थे, लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। ऐसे में सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ध्वस्तीकरण आवश्यक हो गया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में सरकारी जमीन पर किए गए अन्य अवैध कब्जों की भी पहचान की जा रही है और भविष्य में ऐसे मामलों में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ स्थानीय निवासियों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के फैसले का समर्थन किया और कहा कि सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, प्रभावित परिवार के सदस्यों का कहना था कि वे कई वर्षों से इस मकान में रह रहे थे और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। हालांकि प्रशासन का दावा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।
पूर्वी सिंहभूम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। राजस्व विभाग द्वारा विभिन्न अंचलों में सरकारी भूमि का सर्वे कराया जा रहा है ताकि सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके।
गोविंदपुर की यह कार्रवाई जिले में अवैध निर्माण करने वालों के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।












