Jamshedpur News : हितकू पंचायत के रुगड़ीडीह गांव में पारंपरिक आदिवासी पूजा स्थल पर कब्जे की कोशिश का आरोप, ग्रामीणों ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की मांग उठाई
Jamshedpur News : जमशेदपुर के हितकू पंचायत स्थित रुगड़ीडीह गांव के ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक जाहेर स्थान (आदिवासी पूजा स्थल) को बचाने के लिए सुंदरनगर थाना पहुंचकर प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग पूजा स्थल पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान पर खतरा मंडरा रहा है।
जमशेदपुर के सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हितकू पंचायत के रुगड़ीडीह गांव में पारंपरिक जाहेर स्थान (पूजा स्थल) को लेकर विवाद सामने आया है। सोमवार को गांव के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बुजुर्ग ग्रामीण सुंदरनगर थाना पहुंचे तथा पुलिस प्रशासन से अपने धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने थाना में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग वर्षों पुराने जाहेर स्थान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थल आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है, जहां पीढ़ियों से धार्मिक अनुष्ठान और सामुदायिक पूजा आयोजित होती रही है।
जाहेर स्थान आदिवासी समुदाय, विशेष रूप से संथाल समाज के लिए अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल माना जाता है। यह प्राकृतिक वातावरण में स्थित पूजा स्थल होता है, जहां साल वृक्षों और अन्य पवित्र पेड़ों के बीच सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान, परंपरा और पूर्वजों की विरासत का प्रतीक है। ऐसे स्थल पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पूरे समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा जाहेर स्थान की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता, तो भविष्य में बड़ा सामाजिक विवाद उत्पन्न हो सकता है।
गांव के लोगों ने मांग की कि विवादित स्थल की तत्काल जांच कराई जाए तथा भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए पूजा स्थल को कानूनी संरक्षण दिया जाए।
ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने सुंदरनगर थाना पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने लिखित आवेदन सौंपते हुए अनुरोध किया कि प्रशासन मौके का निरीक्षण करे और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने आए हैं और उन्हें न्याय की उम्मीद है। उनका उद्देश्य केवल अपने धार्मिक स्थल की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है।
इस विरोध और शिकायत में गांव की महिलाओं तथा बुजुर्गों की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जाहेर स्थान पूरे गांव की सामूहिक आस्था का केंद्र है और इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए ताकि किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं:
- जाहेर स्थान की भूमि का तत्काल सर्वे कराया जाए।
- कथित कब्जे की कोशिश पर रोक लगाई जाए।
- पूजा स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
- आदिवासी धार्मिक स्थलों को स्थायी संरक्षण प्रदान किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड में जाहेर स्थान जैसे पारंपरिक आदिवासी धार्मिक स्थल केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, इतिहास और सामुदायिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक जांच और सभी पक्षों की सुनवाई के बाद निष्पक्ष कार्रवाई सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है।
फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।












