Jamshedpur News : जमशेदपुर में DD Bar हत्याकांड के बाद BNSS धारा 163 लागू, कई थाना क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन और भीड़ जुटाने पर रोक

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Jamshedpur News : DD Bar हत्याकांड के बाद प्रशासन सख्त, साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्र में अगले आदेश तक लागू रहेगा प्रतिबंध; भारी पुलिस बल तैनात।

Jamshedpur News : जमशेदपुर के DD Bar हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, रोड जाम, बिना अनुमति भीड़ और हथियार लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है।

जमशेदपुर में चर्चित DD Bar हत्याकांड के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 1 जुलाई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

इस आदेश के लागू होने के बाद शहर के कई संवेदनशील इलाकों में धरना-प्रदर्शन, रोड जाम, बिना प्रशासनिक अनुमति के भीड़ जुटाने तथा हथियार लेकर चलने जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन थाना क्षेत्रों में लागू रहेगा प्रतिबंध

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू रहेगी। इन क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचें। साथ ही लोगों से कानून का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की गई है।

क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?

BNSS की धारा 163 लागू होने के बाद निम्नलिखित गतिविधियों पर रोक रहेगी—

  • बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन आयोजित करना।
  • रोड जाम या यातायात बाधित करना।
  • बिना प्रशासनिक अनुमति के भीड़ एकत्र करना।
  • हथियार, लाठी, डंडा या अन्य घातक वस्तुओं के साथ सार्वजनिक स्थानों पर घूमना।
  • ऐसी गतिविधियां जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सरकारी कार्यों और वैधानिक गतिविधियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

देर रात भारी सुरक्षा के बीच हुआ शव का पोस्टमार्टम

इस बीच, मंगलवार देर रात लगभग 2:30 बजे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक हिमांशु सिंह के शव को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के शीतगृह से एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। वहां मेडिकल टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस दौरान अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

परिजनों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शव को उनकी जानकारी और सहमति के बिना अस्पताल से पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी, जिससे परिवार में नाराजगी है।

हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

SDM और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मृतक के घर

पोस्टमार्टम के बाद धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर बातचीत की और उन्हें सहयोग का भरोसा दिलाया।

प्रशासन का प्रयास है कि पूरे मामले में शांति बनी रहे और किसी भी तरह का तनाव या विवाद उत्पन्न न हो।

क्या है BNSS की धारा 163?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू होने के बाद धारा 163, पहले की दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 का नया स्वरूप है।

यह धारा तब लागू की जाती है जब किसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने, सार्वजनिक शांति भंग होने या हिंसा की आशंका होती है। इसके तहत जिला प्रशासन को विशेष परिस्थितियों में कुछ गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्राप्त होता है।

इसका उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित हिंसक स्थिति को रोकना होता है। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन की प्राथमिकता—शांति और कानून व्यवस्था

जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों को नियमित गश्त बढ़ाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है ताकि अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

लोगों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थिति सामान्य होने तक BNSS की धारा 163 प्रभावी रहेगी और आगे की परिस्थितियों के अनुसार प्रशासन अगला निर्णय लेगा।

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