Cricket News : एल्बी मोर्कल बने जोबर्ग सुपर किंग्स के नए हेड कोच, धोनी के साथी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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Cricket News : दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर एल्बी मोर्कल को SA20 लीग की जोबर्ग सुपर किंग्स का नया हेड कोच बनाया गया है। जानिए उनके कोचिंग अनुभव, आईपीएल करियर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रदर्शन की पूरी जानकारी।

Cricket News : क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व स्टार ऑलराउंडर एल्बी मोर्कल को SA20 लीग की फ्रेंचाइजी जोबर्ग सुपर किंग्स का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। मोर्कल लंबे समय तक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का हिस्सा रहे हैं और महेंद्र सिंह धोनी के साथ कई यादगार मुकाबले खेल चुके हैं। अब उन्हें कोचिंग की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे सुपर किंग्स परिवार में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब टीम के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम के साथ नई जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया। फ्लेमिंग के जाने के बाद जोबर्ग सुपर किंग्स को ऐसे चेहरे की तलाश थी जो टीम की संस्कृति को अच्छी तरह समझता हो। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने एल्बी मोर्कल पर भरोसा जताया है।

एल्बी मोर्कल का सुपर किंग्स परिवार से रिश्ता नया नहीं है। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कई अहम मुकाबले खेले और टीम की कई जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी ने उन्हें आईपीएल के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में शामिल किया।

सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि संन्यास के बाद भी उन्होंने सुपर किंग्स के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखा। यही कारण है कि फ्रेंचाइजी ने उन्हें धीरे-धीरे कोचिंग स्टाफ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं और अब उन्हें मुख्य कोच बनाया गया है।

हालांकि मुख्य कोच के रूप में एल्बी मोर्कल का अनुभव बहुत लंबा नहीं है, लेकिन उन्होंने पिछले कई वर्षों में कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वर्ष 2018 से 2021 के बीच उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के सपोर्ट स्टाफ में काम किया। इस दौरान उन्होंने मेंटरिंग, नेट बॉलिंग कोच और फील्डिंग असिस्टेंट कोच जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। खिलाड़ियों के साथ उनका काम और टीम के माहौल की गहरी समझ ने उन्हें कोचिंग क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाई।

जब 2023 में SA20 लीग की शुरुआत हुई, तब उन्हें जोबर्ग सुपर किंग्स का असिस्टेंट कोच बनाया गया। दो सीजन तक टीम के साथ काम करने के बाद अब उन्हें मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

स्टीफन फ्लेमिंग को आधुनिक क्रिकेट के सबसे सफल फ्रेंचाइजी कोचों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल में कई खिताब जीते और जोबर्ग सुपर किंग्स के साथ भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अब फ्लेमिंग के इंग्लैंड टेस्ट टीम से जुड़ने के बाद जोबर्ग सुपर किंग्स को नए नेतृत्व की जरूरत थी। फ्रेंचाइजी ने किसी बाहरी चेहरे की बजाय टीम के अंदर लंबे समय से काम कर रहे एल्बी मोर्कल पर भरोसा जताया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि टीम प्रबंधन उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर पूरा विश्वास करता है।

एल्बी मोर्कल का आईपीएल करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने कुल 91 मुकाबले खेले, जिनकी 68 पारियों में 24.35 की औसत से 974 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन अर्धशतक भी निकले।

मोर्कल की पहचान एक ऐसे खिलाड़ी की रही जो निचले क्रम में तेज बल्लेबाजी कर मैच का रुख बदल सकते थे। उन्होंने कई मौकों पर मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने वाली पारियां खेलीं।

गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 87 पारियों में 85 विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी औसत 27.75 रही, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर 4 विकेट रहा।

उनकी ऑलराउंड क्षमता ने उन्हें आईपीएल इतिहास के सफल विदेशी खिलाड़ियों में शामिल किया।

एल्बी मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उन्हें केवल एक मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 1 टेस्ट, 58 वनडे और 50 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।

बल्लेबाजी रिकॉर्ड

  • टेस्ट: 1 पारी में 58 रन
  • वनडे: 43 पारियों में 782 रन (औसत 23.69)
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय: 38 पारियों में 572 रन (औसत 21.18)

गेंदबाजी रिकॉर्ड

  • टेस्ट: 1 विकेट
  • वनडे: 50 विकेट
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय: 26 विकेट

मोर्कल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई बार बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया। उनकी ऑलराउंड क्षमता उन्हें दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल करती है।

चेन्नई सुपर किंग्स में एल्बी मोर्कल और महेंद्र सिंह धोनी की जोड़ी को क्रिकेट प्रशंसक आज भी याद करते हैं। दोनों खिलाड़ियों ने कई बार निचले क्रम में मिलकर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। मोर्कल की विस्फोटक बल्लेबाजी और धोनी की शांत कप्तानी ने चेन्नई सुपर किंग्स को कई यादगार जीत दिलाई।

अब मोर्कल कोच की भूमिका में सुपर किंग्स परिवार की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करेंगे। माना जा रहा है कि उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

मुख्य कोच बनने के बाद एल्बी मोर्कल के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को SA20 लीग का खिताब दिलाने की होगी। सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी हमेशा जीत की मानसिकता के लिए जानी जाती है और ऐसे में उनसे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।

मोर्कल टीम की रणनीति, युवा खिलाड़ियों के विकास और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन पर विशेष ध्यान देंगे। उनके पास खिलाड़ी और सहायक कोच दोनों के रूप में सुपर किंग्स सिस्टम का अनुभव है, जो उनके लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है।

एल्बी मोर्कल की मुख्य कोच के रूप में नियुक्ति जोबर्ग सुपर किंग्स के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। खिलाड़ी के रूप में उनका शानदार रिकॉर्ड, चेन्नई सुपर किंग्स के साथ वर्षों का अनुभव और कोचिंग स्टाफ में निभाई गई जिम्मेदारियां उन्हें इस पद के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाती हैं। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या मोर्कल अपनी नई भूमिका में भी वही सफलता हासिल कर पाते हैं, जो उन्होंने मैदान पर खिलाड़ी के रूप में हासिल की थी।

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