Jamshedpur News : दिल धड़कने दो अभियान: जमशेदपुर बनेगा हार्ट-सेफ सिटी, CPR और AED प्रशिक्षण से बचेंगी हजारों जानें
Jamshedpur News : जमशेदपुर में 11 अक्टूबर 2026 को ‘दिल धड़कने दो’ अभियान की शुरुआत XLRI ऑडिटोरियम से होगी। इस पहल का उद्देश्य CPR प्रशिक्षण, AED की उपलब्धता बढ़ाकर शहर को हार्ट-सेफ बनाना और अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में लोगों को जीवन बचाने के लिए प्रशिक्षित करना है।
Jamshedpur News : झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत होने जा रही है। शहर को हार्ट-सेफ (हृदय-सुरक्षित) सिटी बनाने के उद्देश्य से “दिल धड़कने दो” अभियान का शुभारंभ शाम 4:30 बजे XLRI ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) का प्रशिक्षण देना, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) की उपलब्धता बढ़ाना और अचानक होने वाले सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) जैसी आपात स्थितियों में लोगों को तुरंत और प्रभावी सहायता देने के लिए तैयार करना है।


हार्ट-सेफ जमशेदपुर की दिशा में ऐतिहासिक कदम
आज के समय में हृदय संबंधी बीमारियां और अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक कार्डियक अरेस्ट होने पर पहले कुछ मिनटों में सही तरीके से CPR दिया जाए और जरूरत पड़ने पर AED का उपयोग किया जाए, तो उसकी जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए “दिल धड़कने दो” अभियान की शुरुआत की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग जीवनरक्षक तकनीकों से परिचित हो सकें और किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए तुरंत मदद कर सकें।
इन संस्थाओं का मिला सहयोग
यह जन-जागरूकता अभियान कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रमुख रूप से—
- XLRI – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट
- iGMA-oikos
- iCARE – Revive Heart Foundation
- Rotary District 3250 (जमशेदपुर के सभी रोटरी क्लबों का प्रतिनिधित्व)
शामिल हैं।
इन संस्थाओं का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि शहर के नागरिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें जीवन बचाने के लिए सक्षम बनाना भी है।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि रहेंगे शामिल
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डी. बी. सुंदरा रामम, उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज), टाटा स्टील लिमिटेड उपस्थित रहेंगे।
वहीं विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में डॉ. ब्रायन पिंटो, संस्थापक Revive Heart Foundation (iCARE) एवं होली फैमिली हॉस्पिटल, मुंबई के मुख्य सलाहकार हृदय रोग विशेषज्ञ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके अलावा कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे, जिनमें—
- डॉ. विनीता सिंह, महाप्रबंधक, चिकित्सा सेवाएं, टाटा स्टील लिमिटेड
- सुमैया राघवन, ऑपरेशंस हेड, Revive Heart Foundation
- डॉ. मंदार शाह, मुख्य सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी, टाटा मुख्य अस्पताल (TMH), जमशेदपुर
शामिल हैं।
क्या है CPR और क्यों है जरूरी?
CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) एक जीवनरक्षक तकनीक है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कार्डियक अरेस्ट के पहले 3 से 5 मिनट के भीतर CPR शुरू कर दिया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
भारत में अभी भी बड़ी संख्या में लोग CPR के बारे में जानकारी नहीं रखते। ऐसे में “दिल धड़कने दो” जैसे अभियान आम नागरिकों को प्रशिक्षित कर समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क तैयार करने का प्रयास करेंगे।
AED क्या है और कैसे बचाता है जान?
AED (Automated External Defibrillator) एक पोर्टेबल मेडिकल उपकरण है, जो अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में हृदय की अनियमित धड़कन को सामान्य करने के लिए नियंत्रित विद्युत झटका देता है।
दुनिया के कई विकसित देशों में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मॉल, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर AED मशीनें उपलब्ध रहती हैं। अब जमशेदपुर में भी इनकी उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जागरूक नागरिक ही बचा सकते हैं जिंदगी
विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में एम्बुलेंस के पहुंचने तक का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि आसपास मौजूद लोग CPR देना जानते हों और AED उपलब्ध हो, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
“दिल धड़कने दो” अभियान इसी सोच के साथ नागरिकों को प्रशिक्षित करेगा ताकि हर व्यक्ति जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने में सक्षम हो सके।
युवाओं और संस्थानों की होगी अहम भूमिका
इस अभियान में छात्रों, शिक्षकों, कॉर्पोरेट कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आयोजकों का मानना है कि यदि प्रत्येक संस्थान अपने कर्मचारियों और छात्रों को CPR प्रशिक्षण उपलब्ध कराए तो पूरे शहर में हजारों प्रशिक्षित नागरिक तैयार किए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में बनेगा नया मॉडल
“दिल धड़कने दो” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत है। इसका उद्देश्य जमशेदपुर को ऐसा शहर बनाना है जहां किसी भी हृदय संबंधी आपात स्थिति में लोग केवल दर्शक न बनें, बल्कि प्रशिक्षित नागरिक के रूप में आगे बढ़कर किसी की जान बचाने में मदद करें।
यदि यह अभियान सफल होता है तो आने वाले समय में झारखंड के अन्य शहरों में भी इस मॉडल को लागू किया जा सकता है।














