Jamshedpur News : झालदा-बलरामपुर मार्ग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 459 किलो अफीम डोडा पाउडर के साथ बीरभूम के दो तस्कर गिरफ्तार

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Jamshedpur News : बाघमुंडी पुलिस की नाकेबंदी में काली स्कॉर्पियो से 15 बैग में भरा 459.14 किलो अफीम डोडा बरामद, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

Jamshedpur News : पुरुलिया के बाघमुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर झालदा-बलरामपुर मार्ग पर नाकेबंदी कर 459.14 किलोग्राम अफीम डोडा पाउडर बरामद किया। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के दो तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 15(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में बाघमुंडी थाना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झालदा-बलरामपुर मार्ग पर लगभग 459.14 किलोग्राम प्रतिबंधित अफीम डोडा पाउडर बरामद किया है। इस मामले में बीरभूम जिले के दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जब्त नशीले पदार्थ के साथ प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो वाहन को भी अपने कब्जे में लेकर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई बुधवार देर रात खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसे हाल के समय में क्षेत्र में नशा तस्करी के विरुद्ध सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

खुफिया सूचना के बाद रात में की गई विशेष नाकेबंदी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 19 अगस्त की रात विश्वसनीय सूचना मिली थी कि झालदा-बलरामपुर सड़क मार्ग से भारी मात्रा में अफीम डोडा की खेप गुजरने वाली है। सूचना मिलते ही बाघमुंडी थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया।

रात लगभग 12:55 बजे पुलिस ने रणनीतिक रूप से मार्ग पर नाकेबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध काली स्कॉर्पियो (WB 48 F-7197) को रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन की जांच के दौरान पुलिस को 15 बड़े नायलॉन बैग मिले, जिनमें अफीम डोडा पाउडर भरा हुआ था।

तौल करने पर बरामद सामग्री का कुल वजन 459.14 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

दंडाधिकारी की मौजूदगी में पूरी हुई जब्ती की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि जब्ती की पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी, झालदा के बीडीओ, एसडीपीओ तथा बाघमुंडी थाना प्रभारी मौके पर मौजूद रहे।

अधिकारियों की उपस्थिति में सभी 15 बैगों की गिनती, वजन और जब्ती सूची तैयार की गई। इसके बाद वाहन और नशीले पदार्थ को विधिवत सील कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

इस पारदर्शी प्रक्रिया का उद्देश्य आगे की न्यायिक कार्रवाई में साक्ष्यों को मजबूत बनाए रखना है।

बीरभूम के दो आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

मौके से गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के निवासी हसन अली उर्फ लालन और शेख कुर्बान के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी इस खेप को कहां से लेकर आए थे और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह केवल दो व्यक्तियों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

एनडीपीएस एक्ट की धारा 15(सी) के तहत दर्ज हुआ मामला

इस पूरे मामले में बाघमुंडी थाना में एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act की धारा 15(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धारा व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) में अफीम पुआल या डोडा पाउडर के अवैध परिवहन और तस्करी से संबंधित है। इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बरामद मात्रा व्यावसायिक श्रेणी से कहीं अधिक है, इसलिए मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

जांच टीम अब कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम कर रही है। इनमें शामिल हैं:

  • अफीम डोडा की खेप का मूल स्रोत कौन सा राज्य है।
  • खेप को पुरुलिया के रास्ते किस राज्य में पहुंचाया जाना था।
  • स्कॉर्पियो वाहन का वास्तविक मालिक कौन है।
  • क्या इस नेटवर्क में अन्य जिलों या राज्यों के तस्कर भी शामिल हैं।
  • मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के जरिए पूरे गिरोह का खुलासा।

पुलिस का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान

पिछले कुछ समय से पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तस्करी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। सीमावर्ती सड़क मार्गों पर नाकेबंदी, वाहनों की सघन जांच और खुफिया निगरानी को बढ़ाया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अफीम डोडा का उपयोग अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण और सेवन दोनों में किया जाता है। इसलिए इसकी तस्करी पर रोक लगाना कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधिकारियों का क्या कहना है?

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह बरामदगी केवल एक बड़ी खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे सप्लाई चेन को ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य, डिजिटल डेटा और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि अंतरराज्यीय गिरोह की पुष्टि होती है, तो अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

क्षेत्र में मचा हड़कंप

झालदा-बलरामपुर मार्ग पर इतनी बड़ी मात्रा में अफीम डोडा बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए सीमावर्ती इलाकों में नियमित जांच अभियान जारी रखने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस जब्त वाहन, नशीले पदार्थ और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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