Himanshu Singh Murder Case : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में जांच तेज, मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल और राहुल दुबे अब भी फरार। पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए झारखंड हाईकोर्ट में पीआईएल दायर करने की तैयारी शुरू की।
Himanshu Singh Murder Case : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस ने तीन संदिग्धों से पूछताछ की है। दो लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल और राहुल दुबे की तलाश में झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में SIT की छापेमारी जारी है। पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के सामने हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस ने इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए घाटशिला क्षेत्र में छापेमारी कर तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इन गिरफ्तारियों या हिरासत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां इन लोगों की भूमिका, घटना से उनके संबंध और मुख्य आरोपितों के साथ संभावित संपर्क की पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच, फरार आरोपितों की तलाश में विशेष जांच दल (SIT) लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
दो लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल और राहुल दुबे अब भी फरार
इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा बताया जा रहा है, जिस पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उसके साथ आरोपी राहुल दुबे भी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपितों की तलाश में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी लगातार छापेमारी की जा रही है। दोनों के संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है।
पुलिस ने विश्वनाथ मंडल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि उसके देश से बाहर भागने की संभावना पर रोक लगाई जा सके।
विश्वनाथ मंडल के अवैध शराब कारोबार से जुड़े होने की चर्चा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल कथित रूप से लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इस पहलू पर भी विस्तृत जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का इस हत्याकांड से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
जांच एजेंसियां आरोपी के आर्थिक स्रोत, आपराधिक इतिहास और उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।
रिमांड के बाद दो आरोपित फिर भेजे गए न्यायिक हिरासत में
मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी सोनू राम सरदार और राज लोहार से पुलिस रिमांड के दौरान कई घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपितों के बयान दर्ज किए और उनके बयानों का आपस में मिलान किया। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद कुल्हाड़ी सहित अन्य साक्ष्यों का भी वैज्ञानिक तरीके से सत्यापन किया गया।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इन पूछताछों से मिले इनपुट फरार आरोपितों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुरानी रंजिश नहीं, अचानक हुए विवाद की ओर इशारा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जो तथ्य मिले हैं, उनके आधार पर यह संकेत मिला है कि यह घटना किसी पुरानी दुश्मनी का परिणाम नहीं थी। जांच में फिलहाल यह संभावना अधिक मजबूत मानी जा रही है कि किसी अचानक हुए विवाद के बाद हिंसा भड़क गई, जिसने बाद में हत्या का रूप ले लिया।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।
छह एसआईटी लगातार कर रही हैं छापेमारी
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि फरार पांच आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छह विशेष जांच दल (SIT) लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
हिमांशु के पिता ने उठाई सीबीआई जांच की मांग
हिमांशु सिंह की हत्या के बाद अब इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। मृतक के पिता अरविंद सिंह ने स्थानीय पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि उनका इकलौता बेटा पुलिस की मौजूदगी में मारा गया, इसलिए उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना आवश्यक है।
परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।

विश्वनाथ की मां भी पहुंची थाने
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की मां भी थाने पहुंची। हालांकि पुलिस ने उनके बयान या पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। माना जा रहा है कि पुलिस उनसे आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
घायल प्रत्युष आनंद की हालत स्थिर
इस हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष आनंद का इलाज फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
घटना के दौरान उनके शरीर पर धारदार हथियार से कई गंभीर वार किए गए थे। शुरुआत में उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया।
परिवार के अनुसार डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उपचार जारी है।
जांच पर सभी की निगाहें
हिमांशु सिंह हत्याकांड अब झारखंड के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच की मांग, कई राज्यों में चल रही पुलिस कार्रवाई और लगातार सामने आ रहे नए तथ्यों के कारण यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है।
आने वाले दिनों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ रही है।














