JPSC – JSSC Paper Leak : JPSC-JSSC पेपर लीक पर संसद में गरजी भाजपा, ढुलू महतो समेत झारखंड के सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की उठाई मांग

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JPSC – JSSC Paper Leak : लोकसभा परिसर के बाहर भाजपा सांसदों का प्रदर्शन, पेपर लीक को बताया युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़; उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

JPSC – JSSC Paper Leak : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर भाजपा ने लोकसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। धनबाद सांसद ढुलू महतो समेत भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

JPSC – JSSC Paper Leak : झारखंड में लगातार सामने आ रहे JPSC और JSSC परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र की राजधानी दिल्ली में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। धनबाद सांसद ढुलू महतो समेत झारखंड के सभी भाजपा सांसदों ने लोकसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

भाजपा सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है और बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं लाखों अभ्यर्थियों के सपनों को तोड़ रही हैं। उनका आरोप था कि सरकार इन मामलों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

लोकसभा परिसर के बाहर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन

संसद भवन परिसर के बाहर आयोजित प्रदर्शन में भाजपा सांसदों ने झारखंड सरकार के खिलाफ तीखे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। सांसदों का कहना था कि राज्य में JPSC (Jharkhand Public Service Commission) और JSSC (Jharkhand Staff Selection Commission) जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से सरकारी नौकरियों की पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। उनका कहना था कि पेपर लीक की घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि भ्रष्ट तंत्र की ओर भी संकेत करती हैं।

ढुलू महतो ने उठाए युवाओं के भविष्य पर सवाल

धनबाद से भाजपा सांसद ढुलू महतो ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि झारखंड का युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। कई अभ्यर्थी आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कोचिंग, पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय और संसाधन लगाते हैं, लेकिन जब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है। उनका आरोप था कि सरकार की लापरवाही और पेपर लीक माफिया की सक्रियता के कारण युवाओं का भरोसा सरकारी भर्ती प्रक्रिया से उठता जा रहा है।

ढुलू महतो ने कहा कि यदि भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं होंगी तो योग्य उम्मीदवारों का मनोबल टूटेगा और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित होगी।

मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग

भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। सांसदों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सरकार की जवाबदेही तय करती हैं और ऐसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने यह भी कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं होगा।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

भाजपा सांसदों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच ऐसी एजेंसी से कराई जाए, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना था कि केवल छोटे स्तर के आरोपियों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।

सांसदों ने मांग की कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

युवाओं को न्याय दिलाने का दावा

भाजपा सांसदों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने दावा किया कि जब तक अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका संघर्ष संसद से लेकर सड़क तक जारी रहेगा।

सांसदों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी राज्य सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर होता है तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य और राज्य के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ता है।

झारखंड की राजनीति में फिर गरमाया मुद्दा

JPSC और JSSC पेपर लीक का मुद्दा पहले भी झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। विपक्ष लगातार सरकार को इस मुद्दे पर घेरता रहा है, जबकि सरकार की ओर से समय-समय पर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया जाता रहा है।

संसद में भाजपा सांसदों के प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में और अधिक प्रभाव डाल सकता है।

सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। विपक्ष जहां सरकार पर लगातार हमलावर है, वहीं राज्य सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और जांच प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर युवाओं सहित पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई ही अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल कर सकती है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कह रहा है।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता, युवाओं के भविष्य और सरकार की जवाबदेही को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है। फिलहाल, पेपर लीक का मुद्दा राज्य की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है और इस पर सरकार तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

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