Jharkhand Weather Update : मौसम विभाग ने 6 से 9 जुलाई तक झारखंड के सभी 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में अगले 4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट। जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा असर रहेगा और किसानों के लिए मौसम विभाग की क्या सलाह है।
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 24 जिलों के लिए 6 जुलाई से 9 जुलाई तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों में जाने से बचने और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम खेती और धान रोपाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
6 से 9 जुलाई तक रहेगा येलो अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 6 जुलाई से 9 जुलाई तक पूरे झारखंड में कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कई स्थानों पर मौसम अचानक बदल सकता है। तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में तेज गर्जना और बिजली गिरने की संभावना हो, वहां लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास रहने से बचें।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इनमें प्रमुख रूप से—
- गढ़वा
- पलामू
- चतरा
- हजारीबाग
- लातेहार
- लोहरदगा
- गुमला
- रांची
इन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है। तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी है।
मंगलवार को उत्तर-पूर्वी झारखंड में अधिक असर
मंगलवार को मौसम का प्रभाव उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, उनमें शामिल हैं—
- गिरिडीह
- धनबाद
- जामताड़ा
- देवघर
- दुमका
- पाकुड़
- गोड्डा
- साहिबगंज
इन जिलों में लगातार बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
बुधवार को भी कई जिलों में जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार बुधवार को भी राज्य के पांच जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा पूरे राज्य में बादल छाए रहेंगे और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
तेज हवाओं के साथ वज्रपात का भी खतरा
बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों में न करें, खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और बच्चों को खुले मैदान में खेलने से रोकें।
अधिकतम तापमान में आएगी गिरावट
बारिश और बादलों के प्रभाव से राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
मौसम के ठंडा होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
किसानों के लिए राहत की खबर
आईएमडी रांची के डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले चार दिनों तक राज्य के सभी जिलों में कहीं-न-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली है या खेतों को रोपाई के लिए तैयार कर लिया है, उनके लिए यह मौसम काफी अनुकूल साबित होगा।
लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे धान की रोपाई में तेजी आने की संभावना है। हालांकि किसानों को वज्रपात के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह भी दी गई है।
जगन्नाथपुर में दर्ज हुई सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में राज्य की सबसे अधिक 50.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यह मानसून की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।
वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो पलामू के डाल्टनगंज और पाकुड़ में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके बाद बोकारो थर्मल में 35.1 डिग्री सेल्सियस और जमशेदपुर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत ठंडा मौसम महसूस हुआ।

मानसून ने पूरे राज्य को किया कवर
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 12 जून को झारखंड में प्रवेश किया था और 30 जून तक पूरे राज्य में फैल गया। हालांकि 4 जुलाई तक राज्य में सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। अब मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों की अच्छी बारिश से वर्षा की इस कमी में काफी हद तक सुधार हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो कृषि कार्यों को गति मिलेगी और जलाशयों का जलस्तर भी बेहतर होगा।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें।
आने वाले चार दिन झारखंड के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जहां एक ओर अच्छी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, वज्रपात और भारी वर्षा आम लोगों के लिए चुनौती भी बन सकती हैं। ऐसे में सतर्कता और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।














