Jharkhand Weather Update: 7 जुलाई से झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून, अभी तक सामान्य से 46% कम हुई बारिश

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Jharkhand Weather Update : 1 जून से 3 जुलाई तक झारखंड में केवल 117.5 मिमी वर्षा दर्ज, मौसम विभाग ने 7-8 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक का जताया अनुमान।

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। राज्य में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने 7 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

झारखंड में इस बार मानसून की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही है। जून के महीने से लेकर जुलाई के पहले सप्ताह तक राज्य में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। इसका असर खेती, जलस्तर और आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी खबर देते हुए संकेत दिए हैं कि 7 जुलाई से मानसून एक बार फिर पूरे राज्य में सक्रिय हो सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।

1 जून से 3 जुलाई तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 जुलाई के बीच झारखंड में केवल 117.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य औसत से लगभग 46 प्रतिशत कम है। लगातार कम बारिश के कारण कई जिलों में खेतों में धान की रोपाई प्रभावित हुई है। किसान पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं ताकि खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का काम गति पकड़ सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती तो कृषि गतिविधियों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने किसानों को राहत की उम्मीद दी है।

राजधानी रांची में भी सामान्य से कम हुई वर्षा

राजधानी रांची में भी मानसून की स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही है। 1 जून से 3 जुलाई के बीच यहां सामान्य औसत की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके कारण शहर में कई जलाशयों और तालाबों का जलस्तर भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।

हालांकि बीच-बीच में हुई हल्की बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन लगातार और व्यापक वर्षा अभी भी नहीं हुई है।

अगले पांच दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम सामान्य बना रहेगा और कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।

उमस का असर भी कई जिलों में बना रहेगा, क्योंकि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में नमी तो है लेकिन लगातार वर्षा का सिलसिला नहीं बन पा रहा है।

इन इलाकों में अगले चार दिनों तक ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून

मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के सभी हिस्सों में एक समान बारिश नहीं होगी। अगले चार दिनों के दौरान कुछ क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है।

इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना अधिक है—

  • संताल परगना प्रमंडल
  • कोल्हान संभाग
  • पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के जिले

इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी हो सकती है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

7 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 7 जुलाई से झारखंड में मानसून दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम प्रणाली मजबूत होने के कारण पूरे राज्य में बादलों का घनत्व बढ़ेगा और बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।

उन्होंने बताया कि 7 और 8 जुलाई से राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज से लेकर मूसलाधार वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।

यदि मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो किसानों के लिए यह राहत भरी खबर होगी और खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी।

किसानों की बढ़ी चिंता, अच्छी बारिश का इंतजार

झारखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर आधारित है। राज्य के अधिकांश किसान धान की खेती करते हैं, जिसकी शुरुआत मानसून पर निर्भर रहती है।

इस बार बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद रोपाई का कार्य प्रभावित हुआ है। जल स्रोतों में भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। यदि जुलाई के दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो खेती को बड़ा लाभ मिल सकता है।

कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ही खेती संबंधी निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।

क्या बरतें सावधानी?

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से खुले मैदानों में न जाएं। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

वाहन चालकों को भी भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई स्थानों पर जलभराव और फिसलन की स्थिति बन सकती है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून की गतिविधियां मजबूत होने की संभावना है। इससे न केवल बारिश का दायरा बढ़ेगा बल्कि राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज होने की उम्मीद है।

यदि अनुमान के अनुरूप बारिश होती है तो अब तक दर्ज वर्षा की कमी में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। इससे कृषि, जल संसाधन और पेयजल व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

झारखंड के लोग और किसान अब 7 जुलाई के बाद मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों की बारिश राज्य की कृषि और जल प्रबंधन के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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