Jharkhand News : जम्मू-कश्मीर के फरार ड्रग तस्करों की झारखंड में भी तलाश, सभी जिलों की पुलिस अलर्ट मोड पर

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Jharkhand News : जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले से फरार दो ड्रग तस्करों वसीम अहमद लोन और फैजान अहमद मकाया की तलाश अब झारखंड समेत पूरे देश में तेज हो गई है। डीजीपी कार्यालय ने सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट जारी करते हुए ह्यू एंड क्राई नोटिस भेजा है।

Jharkhand News : जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थ तस्करी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे दो आरोपितों की तलाश अब झारखंड सहित पूरे देश में तेज कर दी गई है। गांदरबल जिला पुलिस द्वारा जारी ह्यू एंड क्राई नोटिस के बाद झारखंड पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य के पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को नोटिस भेजते हुए फरार आरोपितों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही थाना प्रभारियों, ओपी प्रभारियों और मुहल्ला बीट अधिकारियों को भी इन दोनों आरोपितों की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस के अनुसार जिन दो आरोपितों की तलाश की जा रही है उनमें वसीम अहमद लोन और फैजान अहमद मकाया उर्फ फैसल शामिल हैं। वसीम अहमद लोन श्रीनगर के बेमिना क्षेत्र स्थित नुंद्रेश कॉलोनी का निवासी है, जबकि फैजान अहमद मकाया भी बेमिना के उस्मानाबाद इलाके का रहने वाला बताया गया है। दोनों आरोपित वर्ष 2024 में गांदरबल जिले के लारा थाना में दर्ज कांड संख्या 23/2024 से जुड़े हुए हैं, जिसमें मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप लगे हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े होने की आशंका है। जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों के संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन वे हर बार फरार मिले। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।

गांदरबल एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी इस नोटिस को जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों, थानों और पुलिस चौकियों के अलावा देश के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों, पुलिस आयुक्तों तथा विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों को ई-मेल के माध्यम से भेजा गया है। इसी क्रम में झारखंड डीजीपी कार्यालय ने भी यह नोटिस राज्य के सभी जिलों को भेजते हुए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

झारखंड पुलिस का मानना है कि अंतरराज्यीय अपराधी अक्सर पहचान छिपाने के लिए दूसरे राज्यों में शरण लेने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, लॉज, किराये के मकानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही बीट पुलिस को स्थानीय लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा गया है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंच सके।

गांदरबल पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। नोटिस में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को इन दोनों आरोपितों के बारे में कोई जानकारी मिले या उनकी गतिविधि कहीं दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस अथवा गांदरबल पुलिस को दी जाए। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ऐसे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियां ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त रणनीति पर काम कर रही हैं। हाल के वर्षों में ड्रग्स तस्करी को राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा मानते हुए कई बड़े अभियान चलाए गए हैं।

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक में भी ड्रग्स तस्करी को रोकने पर विशेष चर्चा हुई थी। बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई पर सहमति बनी थी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी तय किया कि किसी राज्य में सक्रिय तस्कर यदि दूसरे राज्य में शरण लेते हैं तो संबंधित एजेंसियां तत्काल सूचना साझा कर संयुक्त कार्रवाई करेंगी।

झारखंड पुलिस भी इस राष्ट्रीय अभियान का सक्रिय हिस्सा बनी हुई है। राज्य की सीमाएं बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से जुड़ी हैं, इसलिए अंतरराज्यीय अपराधों पर नियंत्रण के लिए समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक कर संयुक्त रणनीति तैयार की है ताकि तस्करी के नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त किया जा सके।

झारखंड में इस वर्ष अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कई मामलों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है। नशे की लत युवाओं को अपराध की ओर धकेलती है और समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता, सीमा क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत करना भी आवश्यक है।

फिलहाल झारखंड पुलिस पूरी सतर्कता के साथ जम्मू-कश्मीर से जारी ह्यू एंड क्राई नोटिस के आधार पर कार्रवाई कर रही है। यदि फरार आरोपित राज्य के किसी भी हिस्से में दिखाई देते हैं या उनके संबंध में कोई विश्वसनीय सूचना मिलती है, तो तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।

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