Jharkhand News : एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 1239 में यात्री को सांस लेने में हुई परेशानी, विमान में दी गई ऑक्सीजन; वापसी उड़ान IX 1244 को पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की व्यवस्था में हुई देरी
Jharkhand News : बेंगलुरु से रांची आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में रविवार सुबह एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। यात्री को सांस लेने में परेशानी होने पर चालक दल ने विमान में उपलब्ध ऑक्सीजन की मदद से उसे राहत पहुंचाई। रांची पहुंचने के बाद यात्री की स्वास्थ्य जांच की गई और स्थिति स्थिर पाए जाने पर उसे घर जाने दिया गया। इसके बाद विमान में पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की व्यवस्था करने में समय लगने के कारण रांची से बेंगलुरु जाने वाली वापसी उड़ान करीब 4 घंटे 16 मिनट विलंब से रवाना हुई। इस दौरान यात्रियों को रांची एयरपोर्ट पर कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
Jharkhand News : बेंगलुरु से रांची आने वाले यात्रियों के लिए रविवार की हवाई यात्रा उस समय असामान्य हो गई, जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX 1239 में एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, विमान के बेंगलुरु से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद यात्री को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। स्थिति को देखते हुए विमान के चालक दल ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए और यात्री को विमान में उपलब्ध ऑक्सीजन उपलब्ध कराई।
चालक दल की तत्परता के बाद यात्री की स्थिति स्थिर हुई। इसके बाद विमान ने अपनी यात्रा जारी रखी और निर्धारित मार्ग के अनुसार रांची पहुंचा। किसी आपातकालीन लैंडिंग की आवश्यकता नहीं पड़ी और विमान रांची एयरपोर्ट पर सुबह करीब 8.55 बजे उतरा।
विमान के रांची पहुंचने के बाद संबंधित यात्री के स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के दौरान उसकी स्थिति स्थिर पाई गई। इसके बाद यात्री को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी और वह अपने घर चला गया।
विमान में किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने की स्थिति में चालक दल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों और ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर यात्री को तत्काल राहत देने की कोशिश की जाती है। इस मामले में भी विमान के चालक दल ने इसी तरह की व्यवस्था का इस्तेमाल किया।
यात्री को ऑक्सीजन दिए जाने के बाद विमान में उपलब्ध पोर्टेबल ऑक्सीजन बोतलों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करना जरूरी हो गया। यही वजह रही कि रांची से बेंगलुरु जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की अगली उड़ान संख्या IX 1244 अपने निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी।
इस उड़ान को रांची एयरपोर्ट से सुबह 9.35 बजे उड़ान भरनी थी। हालांकि, विमान के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की व्यवस्था पूरी नहीं होने के कारण उड़ान को रोकना पड़ा। विमानन सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना उड़ान संचालित करना संभव नहीं था।
पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की व्यवस्था के लिए एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक इंतजाम किए गए। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आने वाली दूसरी उड़ान के माध्यम से ऑक्सीजन बोतलें मंगाई गईं। बोतलों के रांची पहुंचने और विमान के लिए जरूरी व्यवस्था पूरी होने के बाद वापसी उड़ान को रवाना किया गया।
सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX 1244 ने दोपहर करीब 1.51 बजे रांची से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। इस तरह उड़ान अपने निर्धारित समय से 4 घंटे 16 मिनट की देरी से रवाना हुई।
उड़ान में हुई देरी का सीधा असर बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। यात्रियों को रांची एयरपोर्ट पर कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबे समय तक उड़ान के रवाना नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो सकती थी, जिन्होंने बेंगलुरु पहुंचने के बाद दूसरी उड़ान पकड़ने की योजना बनाई थी। चार घंटे से अधिक की देरी के कारण उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट प्रभावित होने की स्थिति बन गई। ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता था।
हालांकि, विमानन संचालन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद ही उड़ान को रवाना किया गया।
विमानों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग प्रकार की ऑक्सीजन व्यवस्था मौजूद होती है। यात्रियों की सीटों के ऊपर सामान्य तौर पर आपातकालीन ऑक्सीजन प्रणाली लगाई जाती है। विमान की ऊंचाई और केबिन में दबाव से संबंधित आपात स्थिति में यह प्रणाली यात्रियों को सीमित समय के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में मदद करती है।
विमान में पोर्टेबल ऑक्सीजन बोतलें भी रखी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर केबिन क्रू इन्हें प्रभावित यात्री तक पहुंचा सकता है। किसी यात्री को सांस लेने में परेशानी होने या अन्य चिकित्सा आपात स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। विमान के आकार और यात्री क्षमता के आधार पर पोर्टेबल ऑक्सीजन बोतलों की संख्या अलग-अलग हो सकती है।

विमान के कॉकपिट में पायलटों के लिए अलग आपातकालीन ऑक्सीजन व्यवस्था होती है। ऊंचाई पर किसी आपात स्थिति में पायलटों को आवश्यक ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए यह प्रणाली महत्वपूर्ण होती है।
वहीं, यात्रियों के लिए सीटों के ऊपर लगी आपातकालीन ऑक्सीजन प्रणाली और केबिन क्रू के लिए उपलब्ध पोर्टेबल ऑक्सीजन उपकरण अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोग किए जाते हैं। इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी अप्रत्याशित स्थिति में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बेंगलुरु-रांची फ्लाइट में यात्री की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई यह घटना बताती है कि विमान यात्रा में मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए तत्काल उपलब्ध संसाधनों का कितना महत्व है। एक यात्री की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई और रांची पहुंचने पर उसकी जांच भी की गई।
इसके बाद विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने में अतिरिक्त समय लगा। पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली से बोतलें मंगाई गईं। इस पूरी प्रक्रिया के कारण रांची से बेंगलुरु जाने वाली उड़ान 4 घंटे 16 मिनट देर से रवाना हुई।
यात्रियों के लिए उड़ान में देरी निश्चित रूप से असुविधाजनक रही, लेकिन विमान संचालन में आपातकालीन और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना प्राथमिकता होती है। इस घटना में भी उड़ान को आवश्यक ऑक्सीजन व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही रवाना किया गया।













