Jamshedpur News : मानगो डिमना के जयपाल कॉलोनी के पास जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुआ हादसा, करंट लगने से 50 वर्षीय चेतन यादव की मौत, बचाने पहुंचे साथी मजदूर को भी लगा बिजली का झटका।
Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो डिमना में जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने के दौरान करंट लगने से गिरिडीह निवासी मजदूर चेतन यादव की मौत हो गई। साथी मजदूर को भी करंट का झटका लगा। पढ़ें पूरी खबर।
जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र स्थित डिमना इलाके में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में पाइपलाइन निर्माण कार्य कर रहे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान चेतन यादव (50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड का निवासी था। हादसे के बाद कार्यस्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह हादसा शनिवार शाम करीब 4:30 बजे डिमना स्थित जयपाल कॉलोनी के सामने मनोकामना शिव दुर्गा मंदिर के पास हुआ, जहां पीएचईडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) की जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
पाइपलाइन कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, डिमना क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी था। कार्यस्थल पर पानी निकालने के लिए एक मोटर भी चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काम के दौरान अचानक चेतन यादव बिजली की चपेट में आ गए और मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े।
हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद मजदूरों को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। बिजली का तेज झटका लगने से चेतन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
बचाने पहुंचे साथी मजदूर को भी लगा करंट
घटना के दौरान पास में काम कर रहे मजदूर अर्जुन यादव ने बताया कि जैसे ही उन्होंने चेतन यादव को गिरते देखा, वे उन्हें बचाने के लिए दौड़े। लेकिन उन्हें भी करंट का झटका लग गया। हालांकि वे किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे।

इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई। समय रहते बिजली काटे जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और अन्य मजदूर सुरक्षित बच गए।
एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के तुरंत बाद घायल चेतन यादव को साथी मजदूरों ने एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही उसके साथियों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि चेतन यादव रोजी-रोटी कमाने के लिए गिरिडीह से जमशेदपुर आए थे और पाइपलाइन परियोजना में मजदूरी कर रहे थे। उनके परिवार का भरण-पोषण इसी आय पर निर्भर था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। यदि बिजली से जुड़े संभावित खतरे पहले से चिन्हित कर लिए जाते और सुरक्षा उपकरणों का समुचित उपयोग कराया जाता, तो संभवतः इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान बिजली के संपर्क वाले क्षेत्रों में काम शुरू करने से पहले विद्युत आपूर्ति की जांच, अर्थिंग की व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा नियमों के पालन में कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
जांच की संभावना
घटना के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने में जुटा है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि कार्य के दौरान किसी विद्युत स्रोत के संपर्क में आने से हादसा हुआ। हालांकि करंट लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।
डिमना में पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान हुई यह घटना एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाती है। गिरिडीह निवासी मजदूर चेतन यादव की मौत ने उनके परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है। वहीं, इस हादसे ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।













