Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रारूप मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 6,673 अधिक दर्ज की गई है। बीएलओ के घर-घर सत्यापन और जागरूकता अभियान के चलते महिला पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जबकि जिले के छह में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हो गई है।
पूर्वी सिंहभूम जिले में लोकतंत्र की भागीदारी को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। जिला निर्वाचन विभाग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के बाद तैयार प्रारूप मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है। यह बदलाव न केवल जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान तथा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की घर-घर सत्यापन प्रक्रिया का व्यापक असर देखने को मिला है।
नई प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 15,11,805 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 7,59,206 महिला मतदाता, 7,52,533 पुरुष मतदाता तथा 66 थर्ड जेंडर (तृतीय लिंग) मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार जिले में पुरुषों की तुलना में 6,673 अधिक महिला मतदाता दर्ज की गई हैं। यह आंकड़ा जिले के निर्वाचन इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
महिला मतदाताओं की संख्या में हुई यह बढ़ोतरी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं में मतदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी का भी संकेत देती है। बीते कुछ वर्षों में निर्वाचन आयोग द्वारा महिलाओं को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए गए, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल छह विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से पांच विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है। यह स्थिति जिले में महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
पोटका विधानसभा क्षेत्र में 1,30,003 पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 1,33,823 महिला मतदाता दर्ज की गई हैं। यहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से स्पष्ट रूप से अधिक है।
जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र में भी महिला मतदाताओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। यहां 1,44,023 पुरुष मतदाता जबकि 1,44,093 महिला मतदाता पंजीकृत हैं। हालांकि दोनों के बीच अंतर बहुत कम है, लेकिन महिलाओं की संख्या फिर भी अधिक बनी हुई है।
जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में 1,14,945 पुरुष मतदाता हैं, जबकि 1,16,106 महिला मतदाता दर्ज की गई हैं। यह अंतर बताता है कि शहरी क्षेत्रों में भी महिलाओं की मतदाता सूची में भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
इसी प्रकार जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में 1,38,894 पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 1,40,145 महिला मतदाता दर्ज की गई हैं। यहां भी महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी महिला पंजीकरण को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। हालांकि बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र इस मामले में अपवाद बना हुआ है। यहां 1,12,375 पुरुष मतदाता हैं, जबकि 1,10,052 महिला मतदाता पंजीकृत हैं। यानी जिले का यही एकमात्र विधानसभा क्षेत्र है जहां पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक है।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि महिला मतदाताओं की संख्या में यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कई महीनों तक चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जिम्मेदार है। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। जिन महिलाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं था, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय सामाजिक संगठनों की मदद से महिलाओं को मतदाता बनने के लिए जागरूक किया गया। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी विभिन्न माध्यमों से मतदाता जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं ने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। बीएलओ ने घर-घर जाकर न केवल पुराने मतदाताओं का सत्यापन किया, बल्कि नए मतदाताओं का पंजीकरण भी कराया। यही कारण है कि इस बार मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज हुई है।
निर्वाचन प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जाती है। पिछले कुछ चुनावों में भी महिलाओं का मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ा है। कई क्षेत्रों में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक मतदान कर यह साबित किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब अधिक से अधिक महिलाएं मतदाता सूची में शामिल होती हैं और मतदान करती हैं, तो शासन और नीतियों में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को अधिक महत्व मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोकतंत्र अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनता है।
पूर्वी सिंहभूम जिले के ताजा आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि निर्वाचन आयोग की मतदाता जागरूकता योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं। महिलाओं के साथ-साथ युवाओं और तृतीय लिंग समुदाय के मतदाताओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सूची में 66 थर्ड जेंडर मतदाताओं का शामिल होना भी समावेशी लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिला निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची का अवलोकन करें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा एवं आपत्ति दर्ज कराकर उसे समय रहते ठीक कराया जा सकता है। इससे अंतिम मतदाता सूची और अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाई जा सकेगी।
पूर्वी सिंहभूम में महिला मतदाताओं की संख्या का पुरुषों से अधिक होना न केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि है, बल्कि यह महिलाओं की बढ़ती सामाजिक जागरूकता, लोकतांत्रिक भागीदारी और प्रशासन द्वारा चलाए गए प्रभावी मतदाता पंजीकरण अभियान की सफलता का भी प्रमाण है। आने वाले चुनावों में यह बढ़ी हुई महिला भागीदारी जिले के लोकतांत्रिक परिदृश्य को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।















