Jamshedpur News : बिष्टुपुर स्थित पटेल स्मारक स्थल से शुरू होकर आदित्यपुर के पटेल चौक तक पहुंचा मार्च, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश।
Jamshedpur News : जमशेदपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर पटेल स्मारक समिति की ओर से राष्ट्रीय एकता मार्च निकाला गया। बिष्टुपुर से शुरू हुए मार्च में लोगों ने लौह पुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
Jamshedpur News : देश के लौह पुरुष और भारत रत्न से सम्मानित सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार, 31 अक्टूबर को जमशेदपुर में राष्ट्रीय एकता मार्च का आयोजन किया गया। इस मौके पर लोगों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। पटेल स्मारक समिति, जमशेदपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को लेकर पटेल स्मारक समिति के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की एकता और अखंडता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद करना और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।
राष्ट्रीय एकता मार्च की शुरुआत जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पटेल स्मारक स्थल से हुई। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद मार्च निर्धारित मार्ग से होते हुए आदित्यपुर स्थित पटेल चौक पहुंचा।
मार्च में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। आदित्यपुर स्थित पटेल चौक पहुंचने के बाद मार्च पुनः उसी मार्ग से वापस बिष्टुपुर स्थित पटेल स्मारक स्थल पर लौटा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान सरदार पटेल के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता और आपसी सहयोग की भावना में निहित है।
सरदार वल्लभभाई पटेल को भारतीय इतिहास में लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अलग-अलग रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक मजबूत और एकीकृत भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
इसी योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है।
जमशेदपुर में आयोजित राष्ट्रीय एकता मार्च भी इसी विचारधारा को आगे बढ़ाने की एक पहल रही। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सरदार पटेल के आदर्शों को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संदेश दिया।
पटेल स्मारक समिति, जमशेदपुर का कहना है कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य केवल जयंती मनाना या प्रतिमा पर माल्यार्पण करना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराना भी है।
आज के समय में सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। ऐसे में राष्ट्रीय एकता मार्च के जरिए युवाओं और आम नागरिकों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि देश की मजबूती के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
समिति का मानना है कि महापुरुषों की जयंती तभी सार्थक हो सकती है, जब उनके विचारों को केवल समारोह तक सीमित न रखकर अपने व्यवहार और सामाजिक जीवन में भी अपनाया जाए।
इस आयोजन के दौरान जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो की भी उपस्थिति रही। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान और राष्ट्रीय एकता के महत्व से जुड़े अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय एकता मार्च के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि देश की अखंडता केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।









