Jamshedpur News : मेराकी संस्था और साकची महिला थाना की संयुक्त पहल, महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
Jamshedpur News : जमशेदपुर के तलसा गांव में मेराकी संस्था और साकची महिला थाना की ओर से नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। खेल गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने हिस्सा लिया और नशे से दूर रहने की शपथ ली। इस दौरान आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई।
Jamshedpur News : समाज को नशे की बढ़ती समस्या से बचाने और लोगों को स्वस्थ एवं जागरूक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जमशेदपुर के तलसा गांव में एक विशेष नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान की खास बात यह रही कि लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए खेल को माध्यम बनाया गया। कार्यक्रम में गांव के बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
यह कार्यक्रम मेराकी संस्था और साकची महिला थाना की टीम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ लोगों को जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदाय को सामूहिक रूप से नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना भी रहा।
तलसा गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खेल गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। आयोजकों का मानना है कि खेल युवाओं और बच्चों को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। खेल से जुड़ाव न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि युवाओं को गलत आदतों और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी मदद करता है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों को समझाया गया कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदत से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति और उसके पूरे परिवार को प्रभावित कर सकती है। नशे के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक संबंध और बच्चों के भविष्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसी वजह से कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें।
जागरूकता कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि परिवार में नशे की समस्या का असर सबसे अधिक परिवार के सदस्यों और बच्चों पर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि यदि परिवार या समाज में किसी व्यक्ति को नशे की लत है तो उसे केवल सामाजिक रूप से अलग करने के बजाय सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। जागरूकता, संवाद और सामुदायिक सहयोग के जरिए नशे की समस्या से लड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में 112 पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि किसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत संबंधित सहायता व्यवस्था से संपर्क करना चाहिए। हेल्पलाइन के बारे में जानकारी देने का उद्देश्य गांव के लोगों को आपात परिस्थितियों के प्रति अधिक जागरूक और सक्षम बनाना रहा।
कार्यक्रम में साकची महिला थाना प्रभारी रूपा पाल भी मौजूद रहीं। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए नशे से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे की आदत से बचें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें।
रूपा पाल ने कार्यक्रम के दौरान 112 आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी भी ग्रामीणों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता लेने के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी होनी चाहिए।

कार्यक्रम में समाजसेविका और संस्था की सचिव रीता पात्रों ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से पिछले कई वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों में नशामुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सुधार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाना है। उनका मानना है कि केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से नशे जैसी सामाजिक समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों और युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें, ताकि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकें।
कार्यक्रम में तलसा गांव के मुखिया कान्हू मुर्मू के अलावा गांव के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और अपने गांव को स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प भी लिया।
तलसा गांव में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि सामाजिक जागरूकता को केवल भाषणों तक सीमित रखने के बजाय खेल और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए भी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं, युवा संगठन और आम नागरिक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खासकर युवाओं को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना नशामुक्त समाज की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।














