Jamshedpur News : तीन दिनों की लगातार भारी बारिश के बाद चांडिल जलाशय का जलस्तर बढ़ा, चार फाटक आधा मीटर और एक फाटक एक मीटर तक खोला गया, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
Jamshedpur News : चांडिल डैम में जलस्तर बढ़ने के बाद पांच फाटक खोल दिए गए हैं। लगातार बारिश के कारण प्रशासन ने जल निकासी शुरू की है। जानिए चांडिल डैम का ताजा जलस्तर, प्रशासन की तैयारी और लोगों के लिए जारी निर्देश।
लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले स्थित चांडिल डैम (जलाशय) का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने और संभावित खतरे को टालने के उद्देश्य से प्रशासन ने चांडिल डैम के पांच फाटक खोल दिए हैं। डैम प्रबंधन के अनुसार, चार फाटकों को आधा-आधा मीटर तक खोला गया है, जबकि एक फाटक को एक मीटर तक खोला गया है, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जलाशय में लगातार पानी आने के कारण यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लिया गया है ताकि जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर बना रहे और किसी प्रकार की आपदा की स्थिति उत्पन्न न हो।
तीन दिनों की भारी बारिश बनी जलस्तर बढ़ने की वजह
पिछले तीन दिनों से चांडिल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके कारण डैम के कैचमेंट क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी जलाशय में पहुंचा, जिससे जलस्तर लगातार बढ़ता गया। मौसम विभाग द्वारा भी क्षेत्र में अच्छी वर्षा की संभावना पहले ही जताई गई थी, जिसके मद्देनजर प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।
जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने के बाद अधिकारियों ने डैम के फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। इससे जलाशय पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी और भविष्य में संभावित जोखिम से बचा जा सकेगा।
चार फाटक आधा मीटर, एक फाटक एक मीटर तक खोला गया
डैम प्रशासन के अनुसार, वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुल पांच फाटक खोले गए हैं।
- चार फाटकों को 0.50 मीटर (आधा मीटर) तक खोला गया।
- एक फाटक को 1.00 मीटर तक खोला गया।
इन फाटकों के माध्यम से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि जलस्तर सुरक्षित सीमा में बना रहे और डैम की संरचनात्मक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
180 आरएल से नीचे जलस्तर रखने का लिया गया था निर्णय
कुछ दिन पहले चांडिल अनुमंडल कार्यालय में आयोजित आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि चांडिल डैम का जलस्तर 180 आरएल (Reduced Level) से नीचे रखा जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने मानसून के दौरान संभावित भारी वर्षा को देखते हुए पहले से तैयारी करने पर जोर दिया था।
इसी निर्णय के अनुरूप जैसे ही जलस्तर बढ़ने लगा, प्रशासन ने फाटक खोलने का फैसला लिया ताकि जलाशय का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर नियंत्रित रखा जा सके।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
डैम से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो आवश्यक कदम तुरंत उठाए जा सकें।
आपदा प्रबंधन विभाग भी पूरी तरह सक्रिय
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार डैम में आने वाले पानी और निकासी की मात्रा का आकलन कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर फाटकों को और अधिक खोले जाने का निर्णय भी लिया जा सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से बचना जरूरी है।
मौसम पर रहेगी प्रशासन की नजर
यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो डैम में जलस्तर फिर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन मौसम विभाग से लगातार अपडेट ले रहा है और जलाशय की स्थिति की निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने से बाढ़ जैसी स्थिति की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। यही कारण है कि मानसून के दौरान बड़े जलाशयों का संचालन तय मानकों के अनुसार किया जाता है।
चांडिल डैम के पांच फाटक खोलने का निर्णय बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती कदम माना जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। फिलहाल किसी प्रकार की आपात स्थिति नहीं है, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो आगे की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।















