Jamshedpur News : परसुडीह थाना पुलिस की कार्रवाई, अक्टूबर 2024 में डकैती की साजिश के मामले में सामने आए थे दोनों आरोपियों के नाम, कई पुराने आपराधिक मामलों का भी है रिकॉर्ड।
Jamshedpur News: परसुडीह थाना पुलिस ने डकैती की साजिश मामले में लंबे समय से फरार दो आरोपियों लखीकांत गोप उर्फ बेगी और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जमशेदपुर में डकैती की साजिश रचने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परसुडीह थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार लखीकांत गोप उर्फ बेगी और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप को दबिश देकर गिरफ्तार किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों का नाम वर्ष 2024 में डकैती की साजिश के मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के बयान के दौरान सामने आया था। इसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
अक्टूबर 2024 में मिली थी डकैती की साजिश की सूचना
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2024 की शाम करीब पांच बजे परसुडीह थाना पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि छोटा गोविंदपुर स्थित काली मंदिर के पास निर्माणाधीन फ्लैट के समीप कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ इकट्ठा होकर किसी बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर बताए गए स्थान पर छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में बड़ी आपराधिक घटना हो सकती थी।
छापेमारी में पांच आरोपी हुए थे गिरफ्तार
पुलिस की छापेमारी के दौरान सुजल गोप, दिनेश पात्रो उर्फ शुरू बाबू, राकेश पाल उर्फ सोना भगत, सनूप गोप और असिम दास को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने राकेश पाल के पास से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया था।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अगले दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच शुरू की थी।
पूछताछ में सामने आए फरार आरोपियों के नाम
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में लखीकांत गोप उर्फ बेगी और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप के नाम सामने आए। आरोप है कि दोनों भी डकैती की पूरी योजना का हिस्सा थे, लेकिन पुलिस की छापेमारी से पहले ही मौके से फरार होने में सफल हो गए थे।
इसके बाद से दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी और हाल ही में मिली सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे प्रारंभिक पूछताछ की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डकैती की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे। यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लखीकांत गोप उर्फ बेगी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2016 में रंगदारी, धमकी, चोरी, तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं।
वहीं समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप के खिलाफ वर्ष 2018 में रास्ता रोकने, मारपीट, रंगदारी, गाली-गलौज, धमकी तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
संगठित अपराध पर पुलिस की नजर
जमशेदपुर पुलिस लगातार संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल के महीनों में कई मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है और पुलिस दावा कर रही है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों का कहना है कि डकैती, रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की योजना की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। समय पर मिली सूचना से कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।















