Jamshedpur Himanshu Singh Murder Case : मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल अब भी फरार, दो लाख का इनाम घोषित, जांच तेज

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Jamshedpur Himanshu Singh Murder Case : डीडी बार हत्याकांड में अब तक नौ आरोपित गिरफ्तार, भाजपा नेता नीरज सिंह राजस्थान से गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल, शराब दुकानों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ी।

Jamshedpur Himanshu Singh Murder Case : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। नौ आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि भाजपा नेता नीरज सिंह को राजस्थान से पकड़ा गया। मामले में पुलिस की भूमिका और प्रशासन की कार्रवाई पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

झारखंड के जमशेदपुर में बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष पर हुए जानलेवा हमले का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है और कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस का दावा है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और अब तक नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में डीडी बार से जुड़े कुछ लोग और अन्य संदिग्ध भी शामिल हैं। हालांकि मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

विश्वनाथ मंडल पर दो लाख रुपये का इनाम

पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास आरोपी के संबंध में कोई विश्वसनीय सूचना हो तो तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

एसआईटी और स्थानीय पुलिस की कई टीमें झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक विश्वनाथ मंडल का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

अब तक नौ आरोपित गिरफ्तार

हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस ने अब तक कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में आपराधिक साजिश, हमले की योजना और आरोपितों के आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल

इस हत्याकांड का सबसे विवादित पहलू घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस वाहन के पास से ही अपराधियों ने हिमांशु सिंह को खींचकर धारदार हथियार से हमला किया, जबकि पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे।

हमले में हिमांशु सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रत्युष गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका इलाज अब भी जारी है। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप करती और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाती, तो शायद जान बचाई जा सकती थी।

चार पुलिसकर्मी निलंबित, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं

घटना के बाद बिष्टुपुर थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि अब तक उनके खिलाफ किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।

मृतक के पिता और आंदोलन कर रहे लोगों की प्रमुख मांग है कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

भाजपा नेता नीरज सिंह राजस्थान से गिरफ्तार

इस बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे भाजपा नेता और बार संचालक नीरज सिंह को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, तकनीकी सेल लगातार उनके मोबाइल की लोकेशन पर नजर रख रही थी। मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए उनकी मौजूदगी राजस्थान के खाटूश्यामजी क्षेत्र में मिली। इसके बाद झारखंड पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त अभियान चलाकर उन्हें एक रेस्तरां से हिरासत में लिया गया।

करीब दो घंटे की तलाश और घेराबंदी के बाद नीरज सिंह को गिरफ्तार किया गया। बाद में जमशेदपुर पुलिस की विशेष टीम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर झारखंड रवाना हुई।

नीरज सिंह की पत्नी ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह अपने परिवार के साथ राजस्थान पहुंचीं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए दावा किया कि घटना के समय उनके पति जमशेदपुर में मौजूद ही नहीं थे।

उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

शराब दुकानों और बीयर बारों पर प्रशासन की सख्ती

हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने शहर में संचालित शराब दुकानों और बीयर बारों की जांच तेज कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सभी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, मूल दस्तावेज और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।

एएसपी ऋषभ त्रिवेदी के नेतृत्व में सोमवार को विभिन्न शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बारीडीह मेन रोड स्थित एक शराब दुकान में लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति उपलब्ध नहीं मिली।

इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रशासन ने तत्काल दुकान को बंद करा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते, तब तक दुकान का संचालन नहीं होगा।

जांच पर पूरे राज्य की नजर

हिमांशु सिंह हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों की नजर जांच एजेंसियों पर टिकी हुई है।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की तलाश लगातार जारी है और मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। वहीं मृतक के परिजन और सामाजिक संगठनों का कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि पूरी घटना में जवाबदेही तय होने का भी इंतजार है।

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