Gold Silver Price: जमशेदपुर में 24 कैरेट सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,370 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जानिए वैश्विक संकट, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और बाजार के उतार-चढ़ाव से क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम।
Gold Silver Price : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति का असर अब स्थानीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जमशेदपुर में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 6 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत ₹2,370 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों, आभूषण कारोबारियों और आम ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
पिछले कुछ सप्ताह से सर्राफा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था, लेकिन 6 अगस्त को आई तेज बढ़ोतरी ने सभी को चौंका दिया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का सीधा असर भारत और जमशेदपुर के स्थानीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
वित्त विशेषज्ञ अजय श्रीवास्तव के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलसंधि में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में वृद्धि से वैश्विक महंगाई बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है। इसी बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत मिलने से निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शेयर बाजार में जोखिम बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में निवेशक सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद माध्यम माना जाता रहा है। जब शेयर बाजार, बॉन्ड या अन्य निवेश विकल्पों में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने की खरीदारी बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 और 22 जुलाई को बाजार अपेक्षाकृत स्थिर था। उस समय 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,43,100 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,310 प्रति 10 ग्राम पर बनी हुई थी। इसके बाद 23 जुलाई को अचानक तेजी आई और सोना ₹1,45,700 प्रति 10 ग्राम तथा चांदी ₹2,370 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। हालांकि इसके बाद बाजार में कुछ नरमी देखने को मिली।
24 जुलाई से 30 जुलाई के बीच कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 30 जुलाई को 24 कैरेट सोना घटकर ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत ₹2,290 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गई। इससे खरीदारों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी।
अगस्त की शुरुआत में एक बार फिर बाजार में तेजी लौटने लगी। 1 अगस्त को सोने की कीमत ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,310 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके बाद 5 अगस्त को सोना ₹1,43,400 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,300 प्रति 10 ग्राम पर रही। लेकिन केवल एक दिन बाद यानी 6 अगस्त को दोनों कीमती धातुओं ने जबरदस्त छलांग लगाई और नया रिकॉर्ड बना दिया।
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि लगातार बदलती कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी को लेकर असमंजस में हैं। कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ गिरावट आएगी, जबकि कुछ निवेशक भविष्य में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए अभी खरीदारी कर रहे हैं। शादी-विवाह के मौसम की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए भी यह तेजी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि आभूषण खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य नहीं होती हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वहीं, यदि वैश्विक तनाव कम होता है और निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार की ओर लौटता है, तो कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे किसी भी अफवाह या अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना अभी भी मजबूत विकल्प माना जाता है, लेकिन खरीदारी से पहले बाजार की चाल, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और स्थानीय कीमतों पर नजर रखना जरूरी है। जो लोग आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी बाजार के रुझानों को समझकर सही समय पर निर्णय लेना चाहिए।
जमशेदपुर के सर्राफा बाजार में फिलहाल माहौल पूरी तरह कीमतों की तेजी पर केंद्रित है। कारोबारी मानते हैं कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम ही यह तय करेंगे कि सोने और चांदी की कीमतें और ऊपर जाएंगी या फिर बाजार में कुछ राहत देखने को मिलेगी। फिलहाल सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के चलते दोनों कीमती धातुएं ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।














