DD Bar Murder Case : नीरज सिंह ने दी थी धमकी, कोलकाता से लौटे घायल प्रत्युष का बड़ा खुलासा, डीडी बार हिमांशु हत्याकांड में जांच को मिली नई दिशा

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DD Bar Murder Case : कोलकाता में करीब एक माह तक इलाज के बाद घर लौटे प्रत्युष आनंद ने पुलिस को दिया विस्तृत बयान, बार संचालक नीरज सिंह और अन्य आरोपियों पर लगाए गंभीर आरोप, पीसीआर के सामने हुई वारदात पर भी उठाए सवाल।

DD Bar Murder Case : जमशेदपुर के चर्चित डीडी बार हिमांशु हत्याकांड में नया मोड़। कोलकाता से इलाज कर लौटे घायल प्रत्युष आनंद ने पुलिस को दिए बयान में नीरज सिंह द्वारा धमकी देने, पीसीआर के सामने हमले और सुनियोजित साजिश के गंभीर आरोप लगाए। जानिए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।

DD Bar Murder Case : बिष्टुपुर स्थित चर्चित डबल डाउन (डीडी) बार परिसर में 27 जून 2026 को हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड और प्रत्युष आनंद पर जानलेवा हमले के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लगभग एक महीने तक कोलकाता के अपोलो अस्पताल में इलाज कराने के बाद घायल प्रत्युष आनंद अपने आदित्यपुर स्थित आवास लौट आए हैं। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्होंने पुलिस के समक्ष अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया है, जिसमें घटना से पहले मिली कथित धमकियों से लेकर हमले के दौरान हुई घटनाओं तक कई गंभीर दावे किए गए हैं।

प्रत्युष के बयान के बाद अब इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस भी उनके बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा करने में जुट गई है।

प्रत्युष का दावा- पहले ही दी गई थी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी

घायल प्रत्युष आनंद ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि घटना से पहले डीडी बार के संचालक नीरज सिंह और उनके बेटे की ओर से हिमांशु सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। उनके अनुसार, बार में हुए एक विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था और उसी दौरान यह चेतावनी दी गई थी।

प्रत्युष का कहना है कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह विवाद इतनी बड़ी वारदात का रूप ले लेगा। उन्होंने पुलिस को बताया कि बाद में जो कुछ हुआ, उससे यह आशंका और मजबूत होती है कि हमला पहले से सुनियोजित था।

पीसीआर वैन के सामने हुआ हमला, पुलिस पर भी उठे सवाल

प्रत्युष ने अपने बयान में दावा किया कि 27 जून की रात जब वे और हिमांशु सिंह बार से बाहर निकल रहे थे, उसी समय वहां पहले से पुलिस की पीसीआर वैन मौजूद थी। पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक लिया था।

इसी दौरान हथियारों से लैस कई हमलावर मौके पर पहुंचे और चापड़ व अन्य धारदार हथियारों से हमला शुरू कर दिया। प्रत्युष का आरोप है कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में होती रही, लेकिन हमलावरों को रोकने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया।

उनका कहना है कि जान बचाने के लिए हिमांशु सिंह पीसीआर वैन में जाकर बैठ गए थे, लेकिन हमलावर उन्हें जबरन बाहर खींच लाए और बेरहमी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इस दावे ने घटना के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हमलावरों की पहचान का भी किया दावा

प्रत्युष आनंद ने अपने बयान में दावा किया है कि उन्होंने कई हमलावरों की पहचान की है। उनके अनुसार, हमले में विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल दुबे, सानू मंडल समेत अन्य लोग शामिल थे।

उन्होंने पुलिस को बताया कि हिमांशु सिंह किसी झगड़े में शामिल होने नहीं गए थे, बल्कि बार के भीतर हुए एक मामूली विवाद को शांत कराने पहुंचे थे। आरोप है कि इसके बाद बार प्रबंधन की सूचना पर बाउंसरों ने उन्हें बाहर निकाला, जहां पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

27 जून की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि 27 जून 2026 की रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर अपराधियों ने हिमांशु सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में उनके साथी प्रत्युष आनंद भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। व्यापारिक संगठनों, स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन बिष्टुपुर थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था।

एसआईटी ने तेज की जांच, अब तक 16 आरोपी जेल भेजे गए

मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार कार्रवाई कर रहा है। जांच के दौरान राजस्थान के सीकर से फरार भाजपा नेता और बार संचालक नीरज सिंह को गिरफ्तार किया गया था।

वहीं इस मामले के दो लाख रुपये के इनामी मुख्य शूटर विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके अलावा बार प्रबंधक विजय महानंद समेत अब तक कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रत्युष के बयान से जांच को मिल सकते हैं नए साक्ष्य

प्रत्युष के चाचा चंदन सिंह ने बताया कि अस्पताल से लौटने के बाद प्रत्युष ने पुलिस को पूरी घटना विस्तार से बताई है। उनके अनुसार, अब तक घायल होने के कारण वह विस्तृत बयान देने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने पूरी घटना क्रमवार पुलिस के सामने रखा है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब प्रत्युष के बयान का मिलान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से कर रही हैं। यदि बयान में किए गए दावों की पुष्टि होती है तो जांच में कई नए पहलुओं के सामने आने की संभावना है।

जांच अभी जारी, आरोपों की पुष्टि बाकी

डीडी बार हत्याकांड पहले से ही जमशेदपुर के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है। घायल प्रत्युष आनंद के नए बयान से मामले में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन इन सभी दावों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। वहीं मृतक हिमांशु सिंह के परिजन भी पूरे मामले में सख्त कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग पर कायम हैं।

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