DD Bar Murder Case : जमशेदपुर पुलिस की एसआईटी ने फरार दो आरोपियों को दबोचा, हत्या के बाद आरोपियों को फरार कराने में इस्तेमाल हुई स्कूटी भी बरामद
DD Bar Murder Case : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले के सभी 16 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी।
जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब तक कुल 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपी अब कानून की गिरफ्त में हैं और जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
इस संबंध में सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने लगातार तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राघवेंद्र कुमार उर्फ रविंद्र कुमार उर्फ घेरे (40 वर्ष) तथा गणेश मछुवा (34 वर्ष) के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान गणेश मछुवा ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उस टीवीएस एक्टिवा स्कूटी को भी बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और उन्हें फरार कराने में किया गया था। इस बरामदगी को पुलिस जांच में एक अहम सफलता माना जा रहा है।
27 जून की रात हुई थी हत्या
सिटी एसपी के अनुसार, 27 जून की रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के समीप हिमांशु सिंह पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया, जिसे पूरे मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिली सफलता
एसआईटी ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार छापेमारी की गई।
लगातार चल रही जांच के दौरान पुलिस को फरार चल रहे दोनों आरोपियों के ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्य आरोपियों को फरार कराने में निभाई थी अहम भूमिका
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी गणेश मछुवा ने मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल दुबे और राघवेंद्र उर्फ घेरे को घटना के बाद सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और उन्हें पुलिस से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों को भागने में मदद पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से वाहन की व्यवस्था की गई थी। इसी क्रम में इस्तेमाल की गई स्कूटी को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है।
आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी गणेश मछुवा का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। वह अवैध शराब के कारोबार से जुड़े दो मामलों में पहले भी जेल जा चुका है।
पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक संबंधों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस मामले में अन्य किसी तरह की आपराधिक साजिश तो शामिल नहीं थी।
सभी 16 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में
सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने बताया कि हिमांशु सिंह हत्याकांड में शामिल सभी 16 आरोपी अब गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही अदालत में इस मामले की चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके बाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी और कानून के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया पर पुलिस का फोकस
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में साक्ष्यों को मजबूत तरीके से संकलित किया गया है ताकि अदालत में अभियोजन पक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रख सके। वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य प्रमाणों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है तथा न्यायालय के समक्ष सभी तथ्यों को प्रस्तुत किया जाएगा।
जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने जांच को लगभग अंतिम मुकाम तक पहुंचा दिया है। सभी 16 आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में इस्तेमाल वाहन की बरामदगी को जांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब पूरे मामले की नजर आगामी चार्जशीट और न्यायालय की सुनवाई पर रहेगी, जहां इस हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों की कानूनी जांच होगी।














