कैरव गांधी के घर उमड़ा भाजपा नेताओं का हुजूम: रघुवर दास और अर्जुन मुंडा के तेवर सख्त, क्या अब घेरे में आएगी हेमंत सरकार?

कैरव गांधी
---Advertisement---

जमशेदपुर किडनैपिंग कांड: 12 दिन, शून्य सुराग! क्या सो रही है सरकार? एसएसपी आवास के बगल से किडनैपिंग ने हिलाया झारखंड, बीजेपी के दिग्गजों ने भरी हुंकार!

लौहनगरी जमशेदपुर का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला ‘सीएच एरिया’ (CH Area) आज खौफ के साये में है। शहर के नामी कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात एसएसपी (SSP) आवास के ठीक बगल में हुई, जिसने सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

इस संवेदनशील मामले ने अब झारखंड की सियासत में भूचाल ला दिया है। सोमवार को भाजपा का एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और सरकार को चेतावनी देने देवांग गांधी के आवास पहुंचा।

citizen reporter

बीजेपी के दिग्गजों का जमावड़ा: ‘हम चुप नहीं बैठेंगे’

कैरव गांधी की सलामती की दुआ कर रहे परिजनों का दर्द बांटने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी समेत कई बड़े नेता उनके घर पहुंचे। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा भी इस दौरान मौजूद रहे।

नेताओं ने परिजनों से बंद कमरे में बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरा विपक्ष इस दुख की घड़ी में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। भाजपा नेताओं ने मौके से ही डीआईजी (DIG) और एसएसपी (SSP) को फोन लगाया और अब तक की जांच की सुस्त रफ्तार पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

https://www.youtube.com/@jamshedpurmirror1844

तारीख-दर-तारीख: अपहरण से अब तक की पूरी टाइमलाइन

कैरव गांधी केस में अब तक जो घटनाक्रम सामने आया है, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है:

  • 13 जनवरी 2026 (मंगलवार): दोपहर करीब 12:30 बजे कैरव अपनी कार से बिष्टुपुर स्थित बैंक जाने के लिए घर से निकले। दोपहर 1:45 बजे तक वापस न लौटने और फोन बंद होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रात को उनकी कार कांदरबेड़ा (चांडिल) के पास लावारिस हालत में मिली।

  • 14-15 जनवरी: पुलिस को जांच में पता चला कि अपराधियों ने एक सफेद स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया, जिस पर ‘पुलिस’ का बोर्ड और सायरन लगा था। इसी दौरान परिजनों को इंडोनेशिया के नंबर (+62…) से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग मिली।

  • 16 जनवरी: पुलिस की 7 स्पेशल टीमें (SIT) गठित की गईं। जांच का दायरा बिहार, ओडिशा और बंगाल तक फैला। बिहार के हाजीपुर और मुजफ्फरपुर गैंग पर शक गहराया।

  • 18-20 जनवरी: फिरौती की रकम बढ़ाकर 10 करोड़ करने की खबरें आईं। पुलिस ने 40 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। बुंडू टोल प्लाजा के पास संदिग्ध स्कॉर्पियो के फुटेज मिले।

  • 22 जनवरी (बड़ी सफलता): पुलिस ने कदमा इलाके से वह सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार बरामद की, जिसका इस्तेमाल अपहरणकर्ताओं ने रेकी या भागने में किया था। फॉरेंसिक जांच में ‘बिहार कनेक्शन’ के पुख्ता सबूत मिले।

  • 23 जनवरी (आज): भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देवांग गांधी के घर लगा। विपक्ष ने इसे ‘जंगलराज’ करार देते हुए डीजीपी और एसएसपी से सीधी जवाबदेही मांगी।

मानगो में बड़ी वारदात से पहले पुलिस की बड़ी कामयाबी, तीन बदमाश दबोचे गए, हथियार बरामद

प्रशासन और सरकार से 5 तीखे सवाल – जनता मांग रही है जवाब!

इस घटना ने व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब देना वर्तमान सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए अनिवार्य है:

  1. नाक के नीचे वारदात कैसे? एसएसपी आवास के बगल से अपहरण होना क्या इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस की सबसे बड़ी विफलता नहीं है?

  2. 12 दिन और ‘जीरो’ सुराग? आधुनिक तकनीक और सर्विलांस के दौर में भी पुलिस 12 दिनों तक एक सुराग क्यों नहीं ढूंढ पाई? क्या पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव है?

  3. व्यापारियों की सुरक्षा का क्या? जमशेदपुर एक औद्योगिक शहर है। अगर कारोबारी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो निवेश और विकास कैसे होगा? क्या सरकार चाहती है कि डरा हुआ कारोबारी पलायन कर जाए?

  4. जंगलराज की वापसी? दिनदहाड़े होने वाली हत्याएं और अपहरण क्या झारखंड में पुराने ‘जंगलराज’ की याद नहीं दिला रहे? गृह मंत्रालय इस पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?

  5. पुलिस का खौफ खत्म क्यों? अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। क्या पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है या पुलिस का इस्तेमाल केवल विरोधियों को दबाने के लिए हो रहा है?

निष्कर्ष: जनता की उम्मीदें और पुलिस की चुनौती

कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी अब केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे जमशेदपुर और झारखंड की अस्मिता का सवाल बन गई है। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर जल्द ही कैरव को सकुशल बरामद नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।

देखना यह है कि क्या प्रशासन नींद से जागता है या फिर एक पिता की गुहार और राजनेताओं की चेतावनी फाइलों में दबकर रह जाती है।

https://jamshedpurmirror.com/maa-durga-will-ride-18-feet-long-lion-in-tuiladungari-of-durga-puja-in-jamshedpur/

Victor Banerjee

Senior Journalist with over 4 years of experience in Jamshedpur, specializing in field reporting, studio shoots, and ground-level storytelling. Known for impactful coverage of real issues, strong visual narratives, and credible journalism rooted in on-ground realities.

Join Facebook

Join Now

Join Instagram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment