Jharkhand News : दिल में छेद और गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की अमृता अस्पताल में होगी जटिल सर्जरी, 10 लाख रुपये तक का खर्च उठाएगी सरकार
Jharkhand News : झारखंड सरकार ने गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे 26 बच्चों के मुफ्त इलाज की जिम्मेदारी उठाई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर बच्चों का दूसरा बैच कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल के लिए रवाना हुआ, जहां उनकी जटिल हृदय सर्जरी और अत्याधुनिक उपचार किया जाएगा।
Jharkhand News : गरीब परिवारों के लिए बच्चे की गंभीर बीमारी सिर्फ स्वास्थ्य का संकट नहीं, बल्कि आर्थिक चिंता का भी कारण बन जाती है। खासकर जब बीमारी दिल से जुड़ी हो और इलाज के लिए लाखों रुपये की जरूरत पड़े। ऐसे में झारखंड सरकार की एक पहल उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जिनके बच्चे गंभीर जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर 26 बच्चों के दूसरे बैच को इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल भेजा गया है। इन बच्चों में दिल में छेद सहित गंभीर जन्मजात हृदय संबंधी बीमारियां बताई गई हैं। कोच्चि के अमृता अस्पताल में बच्चों की आवश्यक जांच के बाद जटिल हृदय सर्जरी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपचार किया जाएगा।

इस पूरी पहल की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक बच्चे के इलाज पर करीब 10 लाख रुपये तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बच्चों की महंगी सर्जरी कराने में सक्षम नहीं होते।
दिल की जन्मजात बीमारी कई बच्चों के लिए बचपन से ही गंभीर चुनौती बन जाती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर उनकी सामान्य जिंदगी प्रभावित हो सकती है। वहीं, विशेषज्ञ अस्पतालों में होने वाली जटिल सर्जरी का खर्च गरीब परिवारों के लिए बड़ी बाधा बन जाता है। ऐसे में सरकारी सहायता से बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंच मिलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का कहना है कि पैसों की कमी के कारण किसी जरूरतमंद बच्चे का इलाज नहीं रुकना चाहिए। सरकार का जोर जरूरतमंद बच्चों की पहचान करने और उन्हें समय पर बेहतर तथा अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

सरकार की ओर से बच्चों को बेहतर उपचार के लिए राज्य से बाहर विशेषज्ञ अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को ऐसी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, जो उनके उपचार के लिए आवश्यक है।

यह पहल पहली बार नहीं है। इससे पहले बच्चों का पहला बैच भी इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया था। उपचार और ऑपरेशन के बाद बच्चों के स्वस्थ होकर अपने घर लौटने की जानकारी दी गई है। पहले बैच के उपचार के बाद अब 26 बच्चों का दूसरा जत्था कोच्चि भेजा गया है।
इन बच्चों के लिए यह यात्रा सिर्फ एक अस्पताल तक पहुंचने की यात्रा नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और सामान्य जीवन की उम्मीद भी है। जिन परिवारों के लिए लाखों रुपये की सर्जरी का खर्च असंभव नजर आ रहा था, उनके लिए सरकारी सहायता ने इलाज की राह आसान की है।
स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच किसी भी कल्याणकारी व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक स्थिति बाधा न बने, इसके लिए सरकारी सहायता योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए अहम भूमिका निभाती हैं।
झारखंड सरकार की इस पहल के तहत 26 बच्चों को कोच्चि भेजे जाने से उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा मिलने की उम्मीद है। अब इन मासूमों के परिवारों की निगाहें उनके सफल उपचार और स्वस्थ होकर घर लौटने पर टिकी हैं।











