Jamshedpur News : स्टेडियम में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर भी स्थिति स्पष्ट, वैकल्पिक स्थल पर प्रतिमा लगाने की बात; आदिवासी समाज की भावनाएं आहत होने पर JMM ने जताया खेद
Jamshedpur News : सरायकेला में बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलने की चर्चा के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो ने कहा कि पार्टी की स्टेडियम का नाम बदलने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को सर्वमान्य जननायक बताते हुए कहा कि उनके नाम से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं, स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने के लिए हुए भूमि पूजन के बाद अब प्रतिमा वहां स्थापित नहीं करने का निर्णय बताया गया है।
Jamshedpur News : सरायकेला में इन दिनों बिरसा मुंडा स्टेडियम के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कमेटी ने अपना पक्ष सामने रखा है। स्टेडियम का नाम बदले जाने की चर्चा के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही थीं। इसी बीच झामुमो की ओर से सरायकेला परिषदन भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो के जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो ने कहा कि पार्टी की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान बिरसा मुंडा का नाम स्टेडियम से हटाने या उसमें किसी तरह का बदलाव करने का सवाल ही नहीं है।
शुभेंदु महतो ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक सर्वमान्य जननायक हैं। उनका संघर्ष, आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए उनका योगदान और अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनका आंदोलन झारखंड के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के नाम से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। जिला अध्यक्ष के इस बयान के बाद पार्टी की ओर से उन चर्चाओं को खारिज करने का प्रयास किया गया, जिनमें स्टेडियम का नाम बदले जाने की बात कही जा रही थी।
विवाद का दूसरा पहलू स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, स्टेडियम में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमि पूजन किया गया था। इसके बाद स्टेडियम के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
अब झामुमो जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शिबू सोरेन की प्रतिमा स्टेडियम परिसर में स्थापित नहीं की जाएगी। पार्टी की ओर से प्रतिमा के लिए किसी अन्य सम्मानजनक और उपयुक्त स्थान का निर्धारण किए जाने की बात कही गई है।
इस फैसले को लेकर शुभेंदु महतो ने कहा कि यदि इस पूरे घटनाक्रम से किसी आदिवासी भाई या बहन की भावनाएं आहत हुई हैं, तो पार्टी इसके लिए खेद प्रकट करती है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के लिए ऐसा वैकल्पिक स्थल तय किया जाएगा, जहां दिशोम गुरु शिबू सोरेन को उचित सम्मान दिया जा सके।
झामुमो की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान से यह संकेत देने की कोशिश की गई कि पार्टी बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को लेकर स्पष्ट है। साथ ही शिबू सोरेन के सम्मान को भी बनाए रखने की बात कही गई है।
झारखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन में बिरसा मुंडा और शिबू सोरेन दोनों का अलग-अलग ऐतिहासिक एवं राजनीतिक महत्व रहा है। ऐसे में किसी सार्वजनिक स्थल के नाम और प्रतिमा को लेकर होने वाली चर्चा स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं से जुड़ जाती है।
इसी संवेदनशीलता को देखते हुए झामुमो जिला कमेटी ने अपने बयान में किसी भी तरह की गलतफहमी या अफवाह से बचने की अपील की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें। पार्टी का कहना है कि बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलने की उसकी कोई योजना नहीं है।
जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो ने कहा कि मामले को लेकर जो भी भ्रम पैदा हुआ है, उसे स्पष्ट किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की अपील की।
शिबू सोरेन की प्रतिमा के लिए वैकल्पिक स्थल का चयन अब आगे की प्रक्रिया का हिस्सा होगा। पार्टी की ओर से कहा गया है कि स्थल ऐसा होना चाहिए, जहां प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थापित किया जा सके।

फिलहाल, इस पूरे मामले में दो बातें झामुमो की ओर से स्पष्ट की गई हैं—पहली, बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम नहीं बदला जाएगा और दूसरी, स्टेडियम परिसर में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रतिमा के लिए वैकल्पिक स्थल कब और कहां निर्धारित किया जाता है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर उठे सवालों और चर्चाओं का आगे क्या असर होता है, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।
सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम को लेकर उठे विवाद पर झामुमो जिला कमेटी के स्पष्टीकरण के बाद पार्टी ने अपनी स्थिति साफ करने की कोशिश की है। जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलने की कोई मंशा नहीं है और भगवान बिरसा मुंडा के नाम से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
वहीं, शिबू सोरेन की प्रतिमा को स्टेडियम परिसर में स्थापित नहीं करने और उसके लिए सम्मानजनक वैकल्पिक स्थल तलाशने की बात कही गई है। पार्टी ने किसी की भावना आहत होने पर खेद जताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अब इस मामले में अगला कदम वैकल्पिक स्थल के चयन और स्थानीय स्तर पर स्थिति के आगे विकास पर निर्भर करेगा।














