Jamshedpur News : जमशेदपुर के टिनप्लेट डिवीजन के सीआरएम-3 में शुक्रवार दोपहर हुआ दर्दनाक हादसा, मेसर्स पूरनमाल में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत कर्म कुमार की इलाज के दौरान मौत; सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
Jamshedpur News : जमशेदपुर के टिनप्लेट डिवीजन स्थित सीआरएम-3 में मोबाइल एलिवेटेड वर्क प्लेटफॉर्म की मरम्मत के दौरान गंभीर हादसा हो गया। हादसे में बिहार के सारण निवासी इलेक्ट्रिशियन कर्म कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं और सोमवार तक सभी साइटों पर काम बंद रखने का निर्णय लिया है।
Jamshedpur News : जमशेदपुर से शुक्रवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। टिनप्लेट डिवीजन के सीआरएम-3 में मोबाइल एलिवेटेड वर्क प्लेटफॉर्म की मरम्मत के दौरान हुए भीषण हादसे में एक इलेक्ट्रिशियन की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के सारण जिले के देवरिया निवासी कर्म कुमार के रूप में हुई है। कर्म कुमार मेसर्स पूरनमाल के साथ इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम कर रहे थे और कंपनी के इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट विभाग के विस्तारीकरण कार्य में शामिल थे।
बताया गया कि यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल कर्म कुमार को तत्काल टिनप्लेट अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, चोटें गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्म कुमार मोबाइल एलिवेटेड वर्क प्लेटफॉर्म की मरम्मत के कार्य में जुटे थे। इसी दौरान मशीन के बूम और प्लेटफॉर्म के बीच वह फंस गए। बताया जा रहा है कि मशीन के संचालन के दौरान बूम को ऊपर उठाने के बजाय नीचे करने का कमांड दे दिया गया।
कमांड मिलते ही मशीन का बूम नीचे की ओर आया और कर्म कुमार के सिर से टकरा गया। इसके बाद वह मशीन के नीचे फंस गए। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्म कुमार करीब चार फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गए।
घटना के बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले कर्म कुमार अविवाहित थे। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई और एक बहन हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
कर्म कुमार अपने परिवार के लिए काम करते थे। उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर भी शोक और चिंता का माहौल है।
हादसे के बाद स्थानीय नेताओं और अन्य लोगों की पहल पर मृतक के परिवार को मुआवजा देने को लेकर बातचीत शुरू हुई। मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन तथा संबंधित पक्षों के बीच देर रात तक वार्ता चलती रही, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी अंतिम सहमति पर पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई।
बताया गया है कि शनिवार को एक बार फिर इस मामले में वार्ता की जाएगी। वहीं, कर्म कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया गया है।
इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मशीनों की मरम्मत और संचालन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी गंभीर याद दिलाती है।
स्थानीय भाजपा बारीडीह मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक ने घटना को लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने, परिवार के सदस्य को स्थायी नियोजन देने और नियमित सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि हादसा दुखद है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और सभी कार्यों में निर्धारित सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है।
हादसे के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए सोमवार तक सभी साइटों पर काम बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान लिफ्ट और मोबाइल एलिवेटेड प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है।
कंपनी की ओर से काम बंद रखने का फैसला इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि इस दौरान कर्मचारियों को मशीनों के सुरक्षित संचालन और मरम्मत से जुड़े सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जा सके। खासकर लिफ्ट और मोबाइल एलिवेटेड प्लेटफॉर्म जैसी मशीनों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतनी होती है।
ऐसे उपकरणों की मरम्मत के दौरान मशीन के मूवमेंट, ऑपरेटर और तकनीकी कर्मचारियों के बीच समन्वय तथा सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में शनिवार को होने वाली वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं। मृतक के परिवार की ओर से मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, यह वार्ता के बाद स्पष्ट होगा।
वहीं, कंपनी की जांच से हादसे के वास्तविक कारणों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मशीन के संचालन के दौरान आखिर किस स्तर पर चूक हुई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए किन सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।
टिनप्लेट डिवीजन में हुआ यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। एक कर्मचारी की जान जाने के बाद अब सबसे बड़ी जरूरत यही है कि हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
















