Jamshedpur News : भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ, नई दिल्ली की वार्षिक आम सभा बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से पदाधिकारी और सदस्य हुए शामिल, कोरबा में विजेता रही झारखंड महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित।
Jamshedpur News : जमशेदपुर में भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ, नई दिल्ली की वार्षिक आम सभा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से महासंघ के अध्यक्ष, पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। इस दौरान महिला फुटबॉल को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही झारखंड महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों को भी महासंघ की ओर से सम्मानित किया गया।
Jamshedpur News : जमशेदपुर में भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ, नई दिल्ली की वार्षिक आम सभा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के अलग-अलग राज्यों से महासंघ से जुड़े पदाधिकारी, अध्यक्ष और सदस्य पहुंचे। बैठक का उद्देश्य देश में महिला फुटबॉल को और मजबूत करने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना रहा।
वार्षिक आम सभा में महिला फुटबॉल के विकास, खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों और संगठन की आगामी गतिविधियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों ने महिला खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन गुंजन सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद कासिम अंसारी, राष्ट्रीय महासचिव शेख मोहम्मद जावेद समेत अन्य प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी बात रखी और महिला फुटबॉल को जमीनी स्तर पर मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर झारखंड की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए भी खास पल देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही झारखंड महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों को भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ की ओर से सम्मानित किया गया।
झारखंड की टीम की इस उपलब्धि को राज्य में महिला फुटबॉल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाली खिलाड़ियों के लिए ऐसे सम्मान काफी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें अपनी प्रतिभा को और निखारने तथा बड़े स्तर पर खेलने के लिए प्रेरणा मिलती है।
महासंघ का मानना है कि देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसी बेटियां हैं, जिनमें फुटबॉल की प्रतिभा मौजूद है, लेकिन संसाधनों और उचित मंच के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पातीं। ऐसे में संगठन की कोशिश प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से आगे बढ़ाने की है।
भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद कासिम अंसारी ने कहा कि संगठन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चियों और महिला खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि देश के गांवों में भी फुटबॉल की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन खिलाड़ियों को सही अवसर, मार्गदर्शन और अपनी क्षमता साबित करने के लिए मंच मिले।
मोहम्मद कासिम अंसारी के मुताबिक, महासंघ चाहता है कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलने वाली बेटियां आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करें। इसके लिए जमीनी स्तर पर महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी प्रदान करता है। महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देकर समाज में बेटियों की भागीदारी को भी मजबूत किया जा सकता है।
महासंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन गुंजन सिंह ने भी महिला खिलाड़ियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों के लिए फुटबॉल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक बड़ा मंच तैयार करना महासंघ की प्राथमिकताओं में शामिल है।
गुंजन सिंह के अनुसार, संगठन की कोशिश है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की लड़कियां खेल के माध्यम से राज्य और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
जमशेदपुर में आयोजित यह वार्षिक आम सभा ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब देश में महिला खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। फुटबॉल जैसे खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतिभा चयन कार्यक्रमों की जरूरत है।
विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाती हैं। ऐसे में महासंघ की ओर से ग्रामीण बच्चियों को मंच देने की पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
झारखंड में फुटबॉल की लोकप्रियता पहले से ही काफी अधिक है और राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी इस खेल के प्रति युवाओं में उत्साह देखने को मिलता है। महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सम्मान मिलने से आने वाले समय में और अधिक बेटियां फुटबॉल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हो सकती हैं।
वार्षिक आम सभा बैठक में हुई चर्चाओं और झारखंड महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों के सम्मान से यह संदेश सामने आया कि महिला फुटबॉल को जमीनी स्तर से मजबूत करने की जरूरत है। यदि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर मिलें तो भारतीय महिला फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
महासंघ के पदाधिकारियों का लक्ष्य केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना भी है, जिसमें प्रतिभाशाली बेटियों को पहचान, प्रशिक्षण, प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

जमशेदपुर में हुई बैठक में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की भागीदारी ने भी यह संकेत दिया कि महिला फुटबॉल के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। झारखंड की विजेता महिला टीम का सम्मान इस दिशा में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम रहा।
आने वाले समय में यदि ग्रामीण क्षेत्रों तक फुटबॉल की सुविधाएं और प्रतियोगिताएं पहुंचती हैं, तो देश को नई महिला फुटबॉल प्रतिभाएं मिल सकती हैं। भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ की यह पहल उन बेटियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के मैदान में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रही हैं।












