Jamshedpur News : लगातार भारी बारिश से बढ़ा जलस्तर, निचले इलाकों के लोगों से सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने की अपील
Jamshedpur News : कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पर संकट खड़ा कर दिया है। कोल्हान और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण जमशेदपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली स्वर्णरेखा नदी और खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। मंगलवार को दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
प्रशासन ने विशेष रूप से नदी तट, निचले इलाकों और जलभराव प्रभावित बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने की सलाह दी है।
लगातार वर्षा के कारण दोनों नदियों में जलप्रवाह सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। नदी का पानी तेजी से तटवर्ती क्षेत्रों की ओर फैलने लगा है, जिससे बाढ़ की आशंका और गहरा गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले 24 घंटों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कई निचले मोहल्लों में पानी प्रवेश कर सकता है। ऐसे क्षेत्रों में पहले से ही प्रशासनिक टीमों को निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना का पालन करें।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- नदी किनारे जाने से बचें।
- बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने दें।
- आवश्यक दस्तावेज और दवाइयां सुरक्षित रखें।
- बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
- आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा चिन्हित राहत शिविरों में पहुंचें।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, नगर निगम और एनडीआरएफ से समन्वय कर राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जमशेदपुर के कई निचले इलाके हर वर्ष भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की समस्या से प्रभावित होते हैं। इस बार भी प्रशासन ने ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
राहत दल लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने की सूचना दे रहे हैं। जरूरत पड़ने पर नाव और अन्य बचाव संसाधनों को भी तैयार रखा गया है।
मौसम विभाग ने कोल्हान, पूर्वी सिंहभूम और आसपास के जिलों में अगले कुछ घंटों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। यही कारण है कि नदी के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने तथा बारिश के दौरान पुल, नदी घाट और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की सलाह दी है।
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी है।
प्रमुख तैयारियां:
- आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय।
- राहत शिविरों की व्यवस्था।
- संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती।
- पुलिस एवं नगर निगम की संयुक्त निगरानी।
- आवश्यक खाद्यान्न और चिकित्सा सामग्री का भंडारण।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
बाढ़ जैसी स्थिति में छोटी-सी सावधानी बड़ा हादसा टाल सकती है।
क्या करें:
- ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर रहें।
- मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें।
- पीने का स्वच्छ पानी संग्रहित करें।
- परिवार के सभी सदस्यों को आपात संपर्क नंबर उपलब्ध कराएं।
क्या न करें:
- बहते पानी को पार करने का प्रयास न करें।
- नदी किनारे सेल्फी या घूमने न जाएं।
- अफवाह फैलाने या अपुष्ट संदेश साझा करने से बचें।
जमशेदपुर जिला प्रशासन ने कहा है कि स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जल संसाधन विभाग और मौसम विभाग से प्राप्त अपडेट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो अतिरिक्त राहत शिविर खोले जाएंगे तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटना है।














