Jamshedpur News : लगातार बारिश से दाई घुटू इलाके में जलभराव, कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर लिया शरण; स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था पर उठाए सवाल
Jamshedpur News : जमशेदपुर के कपाली-मानगो क्षेत्र स्थित दाई घुटू में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नालों और आसपास की जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने से कई घरों में पानी घुस गया, जिससे परिवारों को अपना सामान बचाकर ऊँचे स्थानों पर जाना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत, बचाव और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग की है।
जमशेदपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर के निचले इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कपाली-मानगो क्षेत्र के दाई घुटू इलाके में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दर्जनों घरों के अंदर बारिश का पानी प्रवेश कर गया। कई परिवारों को अपने दैनिक उपयोग का सामान, बिस्तर, अनाज और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थानों पर ले जाने पड़े।
स्थानीय निवासियों के अनुसार बारिश का पानी तेजी से मोहल्ले में भरने लगा और कुछ ही घंटों में घरों के आंगन से लेकर कमरों तक पानी पहुंच गया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने रिश्तेदारों या पड़ोस के ऊँचे मकानों में अस्थायी रूप से शरण लेने को मजबूर हुए हैं।
दाई घुटू के लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से जमा हो जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई स्थानों पर नालियां कचरे और गाद से भरी हुई हैं, जिससे पानी की निकासी रुक जाती है। नतीजतन नालों का पानी उल्टा घरों और गलियों में भरने लगता है। लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले नियमित सफाई होती, तो स्थिति इतनी भयावह नहीं बनती।
“बारिश होते ही पूरा इलाका तालाब बन जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना और घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को स्थायी समाधान करना चाहिए।” — स्थानीय निवासी
जलभराव से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को हो रहा है। कच्चे और अर्ध-पक्के मकानों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई परिवारों ने गैस सिलेंडर, राशन और बिजली के उपकरणों को ऊँचाई पर रखकर बचाने की कोशिश की।
कुछ घरों में पानी घुसने के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षित बिजली व्यवस्था, पीने के पानी और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
भारी बारिश और जलभराव की सूचना मिलने के बाद मानगो नगर निगम तथा जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासनिक टीमों द्वारा जलभराव वाले इलाकों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निगरानी पर्याप्त नहीं है। उनका आग्रह है कि जल निकासी के लिए पंपिंग मशीनें लगाई जाएं, नालों की तत्काल सफाई कराई जाए और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
जमशेदपुर के कई निचले इलाकों में हर मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। विशेष रूप से कपाली, मानगो और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था के कारण थोड़ी देर की तेज बारिश भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है।
शहरी विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, अतिक्रमण और प्राकृतिक जलनिकासी मार्गों के संकुचित होने से जलभराव की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में केवल अस्थायी राहत के बजाय दीर्घकालिक शहरी जल प्रबंधन योजना की आवश्यकता है।
प्रभावित नागरिकों ने जिला प्रशासन और मानगो नगर निगम से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
- दाई घुटू क्षेत्र से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
- सभी नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए।
- जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग मशीन लगाई जाए।
- प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आवश्यक सहायता दी जाए।
- मानसून के लिए स्थायी ड्रेनेज योजना तैयार की जाए।
लगातार बारिश के कारण मोहल्ले की कई गलियां जलमग्न हो गई हैं। लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर और बढ़ने की आशंका है, जिससे अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन शीघ्र प्रभावी कदम उठाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में इस तरह की समस्या से स्थायी निजात मिल पाए।












