Jamshedpur News : सुल्तानगंज से लाए गए गंगाजल से हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और विधायक पूर्णिमा साहू भी बने यात्रा का हिस्सा
Jamshedpur News : जमशेदपुर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सूर्य मंदिर समिति द्वारा भव्य जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। सुल्तानगंज से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, विधायक पूर्णिमा साहू सहित हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।
Jamshedpur News : झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में सावन माह की तीसरी सोमवारी के अवसर पर आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। शहर की प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर समिति की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य जलाभिषेक यात्रा का आयोजन किया गया। हजारों महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ पैदल यात्रा की और सूर्य धाम स्थित शिव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से जलाभिषेक किया।
पूरे शहर में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के उद्घोष गूंजते रहे। धार्मिक उल्लास, भक्ति और सामाजिक एकता का यह आयोजन सावन की तीसरी सोमवारी को विशेष बना गया।
जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत बारीडीह हरि मैदान से हुई, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। मैदान में विशेष व्यवस्था के तहत कलश वितरण और गंगाजल भरने की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गंगाजल से भरे कलश सिर पर रखे और भगवान शिव के जयकारों के बीच यात्रा आरंभ की।
यात्रा में सबसे आगे भगवान शिव की आकर्षक झांकी, भगवा ध्वज और धार्मिक बैंड शामिल थे। इसके पीछे हजारों श्रद्धालु कतारबद्ध होकर पैदल चल रहे थे। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
इस जलाभिषेक यात्रा की सबसे विशेष बात यह रही कि भगवान शिव के अभिषेक के लिए बिहार के सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल विशेष टैंकर के माध्यम से जमशेदपुर लाया गया। सावन में सुल्तानगंज का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है, क्योंकि यहीं से कांवड़िए गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पदयात्रा करते हैं।
सूर्य मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हजारों लीटर गंगाजल की व्यवस्था की, जिससे प्रत्येक श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सके।
करीब कई किलोमीटर की पदयात्रा के बाद श्रद्धालु सूर्य धाम स्थित भोले बाबा के मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पुजारियों के निर्देशन में भगवान शिव का सामूहिक जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अक्षत अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भव्य जलाभिषेक यात्रा में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलते नजर आए। उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सावन की सोमवारी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला उत्सव भी है। उन्होंने सूर्य मंदिर समिति द्वारा वर्षों से आयोजित इस यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को मजबूत करते हैं।
जलाभिषेक यात्रा में जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू भी शामिल हुईं। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा में भाग लिया और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
उन्होंने कहा कि सावन का महीना शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं समाज में प्रेम, भाईचारा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सावन की तीसरी सोमवारी की शुभकामनाएं भी दीं।
यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। कई सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पेयजल, शरबत और चिकित्सा शिविर की व्यवस्था भी की।
भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु, शिव ध्वज, ढोल-नगाड़ों की धुन और “बोल बम” के उद्घोष ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बने।
सूर्य मंदिर समिति ने इस वर्ष यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और स्वयंसेवकों की विशेष व्यवस्था की गई। समिति के सदस्यों ने पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया ताकि यात्रा व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष सावन की सोमवारी पर आयोजित यह जलाभिषेक यात्रा जमशेदपुर की धार्मिक पहचान बन चुकी है और इसमें लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
सावन की तीसरी सोमवारी पर निकली यह भव्य जलाभिषेक यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक आस्था का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यह साबित किया कि भगवान शिव के प्रति लोगों की श्रद्धा आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है।
जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन हुआ, लेकिन “हर-हर महादेव” के जयकारों की गूंज पूरे शहर में देर तक सुनाई देती रही। जमशेदपुर एक बार फिर सावन की भक्ति में रंगा नजर आया।















