Jamshedpur News : झारखंड बंद का पोटका में दिखा असर, पूर्व विधायक मेनका सरदार के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

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Jamshedpur News : JPSC-JSSC छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का झारखंड बंद, पोटका में बाजार और दुकानें रहीं बंद

Jamshedpur News : रांची में विधानसभा मार्च और घेराव के दौरान JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में भाजपा ने झारखंड बंद का आह्वान किया। जमशेदपुर के पोटका विधानसभा क्षेत्र में भी बंद का असर देखने को मिला। पूर्व विधायक मेनका सरदार के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर बंद का समर्थन किया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले में हाई अलर्ट जारी रखा और विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई।

जमशेदपुर के पोटका में बंद का असर

जमशेदपुर: रांची में विधानसभा मार्च और घेराव के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का असर जमशेदपुर के पोटका विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिला। बंद के दौरान कई बाजारों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के शटर बंद रहे। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही भी प्रभावित दिखाई दी।

बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतरे। पोटका विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक मेनका सरदार के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों और व्यवसायियों से बंद का समर्थन करने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।

भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई उचित नहीं थी। पार्टी ने इसी कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर कार्रवाई का विरोध

दरअसल, रांची में छात्रों द्वारा JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर विधानसभा मार्च और घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज के साथ वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

इस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। भाजपा का आरोप है कि छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को सुनने के बजाय सरकार ने पुलिस बल का इस्तेमाल किया। पार्टी ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया और इसके विरोध में पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से युवाओं में नाराजगी है। ऐसे में उनकी शिकायतों का समाधान बातचीत और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग भी की है।

पोटका में सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

झारखंड बंद के दौरान पोटका विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाई दी। पूर्व विधायक मेनका सरदार के नेतृत्व में कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में पहुंचे और बंद को सफल बनाने की कोशिश की। इस दौरान बाजारों में घूमकर दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई।

बंद के चलते कई जगहों पर दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। हालांकि, बंद के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई।

बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी भी की और सरकार से भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।

प्रशासन ने जिले को रखा हाई अलर्ट पर

भाजपा के झारखंड बंद के मद्देनजर जमशेदपुर समेत पूरे जिले में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई।

संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रावधान है, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

प्रशासन की कोशिश है कि बंद के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा फिर गरमाया

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों की ओर से समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी सामने आती रही है।

छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और परीक्षा से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर रांची में विधानसभा मार्च और घेराव का कार्यक्रम किया गया था।

वहीं, भाजपा ने छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। पार्टी का कहना है कि छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान बल प्रयोग की घटना की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

बंद से आम जनजीवन पर पड़ा असर

पोटका समेत जमशेदपुर के कुछ इलाकों में बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बाजारों में दुकानें बंद रहने से कारोबार पर असर पड़ा। हालांकि, बंद का प्रभाव अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग स्तर पर देखने को मिला।

प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी गई ताकि बंद के दौरान किसी तरह की हिंसा या जबरन बंद कराने की घटना न हो। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के बीच स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।

झारखंड बंद के जरिए भाजपा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार की ओर से छात्रों की मांगों और विधानसभा मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।

फिलहाल, पोटका में बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बाजारों में दिखी बंदी ने इस राजनीतिक विरोध को स्थानीय स्तर पर भी प्रभावी बनाया है। प्रशासन की निगरानी के बीच क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश जारी है।


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