Latehar News : रांची रिम्स में उपचार के दौरान हुई ललिता देवी की मौत, गर्भवती खुशबू देवी समेत चार लोगों की जा चुकी है जान
Latehar News: लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के दामोदर गांव में हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई है। रिम्स रांची में इलाज के दौरान ललिता देवी की मौत हो गई। इससे पहले गर्भवती खुशबू देवी, चालक अरविंद कुमार और राखी गिरी की भी जान जा चुकी है। पढ़ें पूरी खबर।
झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित दामोदर गांव में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर चार हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल ललिता देवी ने शुक्रवार तड़के रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रिम्स में इलाज के दौरान हुई ललिता देवी की मौत
जानकारी के अनुसार, ललिता देवी, पति मंटू वर्मा की पत्नी थीं और सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार की अहले सुबह करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। लगातार कई दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गईं।
ललिता देवी की मौत के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या चार हो गई है। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैसे हुआ था यह भीषण हादसा?
यह दर्दनाक हादसा पिछले बुधवार की शाम चंदवा थाना क्षेत्र के दामोदर गांव में हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो अचानक सड़क से नियंत्रण खो बैठी और सीधे एक घर में जा घुसी। हादसा इतना भयावह था कि घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो चालक अरविंद कुमार और घर के अंदर मौजूद राखी गिरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को घटना की सूचना दी।
गर्भवती खुशबू देवी और उसके अजन्मे बच्चे की भी चली गई जान
इस हादसे में स्कॉर्पियो चालक अरविंद कुमार की पत्नी खुशबू देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी भी मौत हो गई।
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि खुशबू देवी गर्भवती थीं। उनके गर्भ में पल रहा मासूम इस दुनिया में आने से पहले ही इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। इस खबर ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि एक ही घटना ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।
चार मौतों से पूरे गांव में पसरा मातम
ललिता देवी की मौत के बाद दामोदर गांव में शोक का माहौल और गहरा गया है। लगातार चार लोगों की मौत ने गांव के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, वहां मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदार और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी भयावह दुर्घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। गांव के कई लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद चंदवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
दामोदर गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण कई लोगों की जान जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन, निर्धारित गति सीमा और नियमित निगरानी से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल उपाय, चेतावनी संकेतक और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
लगातार चार मौतों ने पीड़ित परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है। एक ओर घरों में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी ओर परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। गांव में हर तरफ सिर्फ इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक पल की लापरवाही ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों के इलाज की व्यवस्था तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
दामोदर गांव का यह सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी बदल देने वाली त्रासदी बन गया है। चार लोगों की मौत, गर्भ में पल रहे एक अजन्मे बच्चे का असमय अंत और कई परिवारों का उजड़ जाना पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का विषय है। यह घटना सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार वाहन संचालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कारणों की पहचान करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।










