Jharkhand News : 66% मतदाता गणना प्रपत्र का डिजिटाइजेशन पूरा, शहरी मतदाताओं से जल्द फॉर्म जमा करने की अपील

---Advertisement---
Jharkhand News : झारखंड में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान तेज, 97.77% मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र, 21 जुलाई को सभी शहरी मतदान केंद्रों पर लगेगा विशेष कैंप

Jharkhand News : झारखंड में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 66 प्रतिशत मतदाता गणना प्रपत्र का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शहरी मतदाताओं से जल्द फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा करने की अपील की है। जानिए पूरी खबर।

रांची: झारखंड में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य तेजी से जारी है। इस अभियान के तहत राज्य में अब तक 97.77 प्रतिशत मतदाताओं तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। वहीं, प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 66 प्रतिशत का सफलतापूर्वक डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी मतदाताओं, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं से जल्द से जल्द अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को सौंपने की अपील की है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक मतदाता की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और पारदर्शी बने, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूट न जाए।

97.77 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों में बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया है। अब तक 97.77 प्रतिशत मतदाताओं तक यह प्रपत्र पहुंच चुका है, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

हालांकि विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उन मतदाताओं तक पहुंचने की है जिन्होंने अभी तक अपना फॉर्म भरकर जमा नहीं किया है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में गणना प्रपत्र जमा करने की गति अपेक्षाकृत धीमी देखी जा रही है। इसी कारण निर्वाचन विभाग ने शहरी मतदाताओं के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

66 प्रतिशत गणना प्रपत्र का डिजिटाइजेशन पूरा

मतदाता सूची को डिजिटल और अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से प्राप्त गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी तेजी से किया जा रहा है। निर्वाचन विभाग के अनुसार अब तक 66 प्रतिशत गणना प्रपत्रों को डिजिटल रिकॉर्ड में परिवर्तित किया जा चुका है।

डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची को अद्यतन करने, त्रुटियों को दूर करने और दोहराव वाले नामों की पहचान करने में काफी आसानी होगी। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।

शहरी क्षेत्रों में आज लगेगा विशेष कैंप

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में अभी भी कई मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा नहीं किया है। इसी को देखते हुए सोमवार को राज्य के सभी शहरी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

इन कैंपों में संबंधित बीएलओ पूरे समय उपलब्ध रहेंगे, जहां मतदाता अपने गणना प्रपत्र भर सकते हैं, आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा भरे हुए प्रपत्र जमा कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

गणना प्रपत्र जमा करना क्यों जरूरी है?

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना गणना प्रपत्र भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को जमा नहीं किया है, उन्हें इसे जल्द पूरा करना चाहिए।

महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल उन्हीं मतदाताओं का नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने अपना गणना प्रपत्र सही तरीके से भरकर निर्धारित समय में जमा कर दिया होगा।

ऐसे में यदि कोई पात्र मतदाता समय पर फॉर्म जमा नहीं करता है तो उसे आगे चलकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

22 जुलाई को होगी बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक

निर्वाचन विभाग ने जानकारी दी है कि 22 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।

इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं, एएसडीडीएफ (Absent, Shifted, Dead, Duplicate, Foreigners) सूची के सत्यापन और अंतिम प्रकाशन की तैयारियों पर चर्चा होगी। साथ ही मतदान केंद्र स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

क्या है एएसडीडीएफ (ASDDF) सूची?

निर्वाचन विभाग मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए ASDDF (Absent, Shifted, Dead, Duplicate, Foreigners) श्रेणी के मतदाताओं का भी सत्यापन कर रहा है।

इस प्रक्रिया के तहत ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाती है जो—

  • लंबे समय से अनुपस्थित हैं,
  • किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं,
  • जिनका निधन हो चुका है,
  • जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं,
  • या जो भारतीय नागरिक नहीं हैं।

इस सत्यापन से मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण केवल निर्वाचन विभाग का कार्य नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपने बीएलओ के साथ सहयोग करें, समय पर गणना प्रपत्र भरें और अपने परिवार के अन्य पात्र मतदाताओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसलिए सभी नागरिकों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने अब तक उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। लगभग सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच चुके हैं और दो-तिहाई से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है। अब निर्वाचन विभाग का पूरा ध्यान शहरी क्षेत्रों में बचे हुए मतदाताओं तक पहुंचने और उनसे समय पर फॉर्म जमा कराने पर है।

यदि आपने अभी तक अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा नहीं किया है, तो निकटतम मतदान केंद्र पर आयोजित विशेष कैंप में जाकर यह प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आपका नाम आगामी प्रारूप मतदाता सूची में शामिल हो सके और आप अपने मताधिकार का निर्बाध रूप से उपयोग कर सकें।

Join Facebook

Join Now

Join Instagram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment